विकास नंद/ सर्वव्यापी
जिले के बाघामुड़ा धान उपार्जन केंद्र में सामने आए 40.96 लाख रुपये के धान खरीदी घोटाले के मामले में फरार चल रहे समिति प्रभारी प्रेमसिंह ध्रुव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल सीडीआर और लगातार ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने ग्राम मोखा में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपी को शुक्रवार को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार, 24 जनवरी 2026 को मुनगासेर शाखा के शाखा प्रबंधक सेवकराम चंद्राकर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि बाघामुड़ा उपार्जन केंद्र के ऑनलाइन रिकॉर्ड में 1,25,878 कट्टा धान उपलब्ध दर्शाया गया था, जबकि भौतिक सत्यापन के दौरान मौके पर केवल 1,22,574 कट्टा धान ही पाया गया। इस तरह 3,304 कट्टा (1,321.6 क्विंटल) धान गायब मिला।समर्थन मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गायब धान की कीमत 40,96,960 रुपये आंकी गई। जांच में धान खरीदी में अनियमितता पाए जाने पर समिति प्रभारी प्रेमसिंह ध्रुव के विरुद्ध अपराध क्रमांक 12/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) में मामला दर्ज किया गया था।मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। विवेचना के दौरान मोबाइल सीडीआर और लोकेशन के तकनीकी विश्लेषण से आरोपी की मौजूदगी ग्राम मोखा में मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपी प्रेमसिंह ध्रुव (42 वर्ष), पिता धनीराम ध्रुव, निवासी ग्राम मोखा, थाना कोमाखान, जिला महासमुंद का निवासी है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।


