ननकी की चिट्ठी से मुख्यमंत्री के उड़े होश…

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कबीरधाम/ धनंजय साहू/ ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी /

छत्तीसगढ़ के पूर्व आदिवासी मंत्री ननकी राम कंवर द्वारा केंद्रीय नेताओं को लिखे चिट्ठी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का होश उड़ा दिए हैं और ननकी राम कंवर ने जो चिट्ठी लिखी है, उसे निश्चित रूप से केंद्र एवं छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ नेताओं को ध्यान देने की आवश्यकता है। जिसके बाद से सवाल उठ रहा है कि क्या छत्तीसगढ़ भाजपा में सब कुछ ठीक नही चल रहा है ?या वरिष्ठ भाजपा नेताओं को हाशिये पर रखा जा रहा है या फिर पुराने नेता भी तवज्जो चाहते है,फिलहाल आये पूर्व गृहमंत्री के बयान को देखकर तो यही लगता है। गौरतलब है कि वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने केंद्रीय नेताओं को सनसनीखेज पत्र लिखकर गड़बड़ झाले का इशारा किया है और निगम, मंडलों में नए चेहरों जमीनी कार्यकर्ताओं को नियुक्त करने की मांग की है। पुराने खटराल पदाधिकारियों को कोई पद नहीं देने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने यह भी कहा है कि कुछ दलाल टाइप नेता ऐसे अधिकारियों को महत्वपूर्ण पद दिलाने का प्रयास कर रहे है जो कांग्रेस सरकार के समय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को झूठे मामले में फंसाने का काम किया था। पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि साल 2003 से 2018 तक प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। उस समय विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित कई अन्य पदों पर पार्टी के कई लोगों की नियुक्तियां की गई थी। कई ऐसे निगम के मंडल अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य रहे जिनके क्रियाकलाप से भाजपा सरकार को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। ऐसे लोगों के कारण ही 2018 में हमारी सरकार चली गई थी। उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि कांग्रेस सरकार के समय जिन कर्मचारियों और अधिकारियों ने भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को झूठे मामले में फंसाया और उन्हें प्रताड़िक किया, उन्ही कर्मचारी-अधिकारियों को हमारी पार्टी के कुछ दलाल प्रकृति के लोग मनचाही जगहों पर पदस्थ कराने के प्रयास में लगे हुए हैं। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ हो रही शिकायत पर कार्यवाही करने पर रोक लगाने का प्रयास करते हैं।कंवर ने पत्र में ये भी लिखा कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर पार्टी के मुख्य पदों से दूर रखना उचित होगा। इसके साथ ही पार्टी के लिए काफी लंबे समय से कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को निगम मंडल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य पदों पर नियुक्ति करना उचित होगा। पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता जो कि काफी समय से पार्टी के लिए लगातार ईमानदारी पूर्वक काम करते आये हैं और जिन्हे आज तक किसी भी निगम, मंडल के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष एवं सदस्य के रूप में कार्य करने का मौका नहीं मिला है उन्हें मौका दिया जाना चाहिए और यही उचित होगा।


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