विकास नंद /सर्वव्यापी/
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राज्य महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया ने स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण पर कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए साय सरकार की मंशा को उचित ठहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में युक्तियुक्तकरण का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। सरकार का कहना है कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा और जिन स्कूलों में कम छात्र संख्या है, उन्हें बेहतर स्कूलों के साथ समायोजित किया जा सकेगा, जिससे बच्चों को अधिक योग्य शिक्षक, बेहतर सुविधाएं और समान अवसर मिल सकें। आगे प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, जिससे कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में भी शिक्षक और सुविधाएं उपलब्ध होंगी। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार:सरकार का दावा है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, क्योंकि बच्चे अधिक योग्य शिक्षकों और बेहतर सुविधाओं के साथ शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। सरकार यह भी चाहती है कि शिक्षकों को आवश्यकता के अनुसार वितरित किया जाए, ताकि सभी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हों। इससे समावेशी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि बच्चे बेहतर माहौल और संसाधनों में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। युक्तियुक्तकरण से आर्थिक बचत होगी, क्योंकि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में खर्च कम होगा। सरकार स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए जरूरी मानती है।