विकास नंद/सर्वव्यापी/
महासमुंद कलेक्टर विनय लंगेह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले के समग्र विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में वनमंडलाधिकारी मयंक पांडेय, अपर कलेक्टर रवि साहू, जिला पंचायत सीईओ रविराज ठाकुर सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं जनपद सीईओ, सीएमओ और नगरीय निकायों के प्रतिनिधि वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती पर 16 अगस्त से 31 मार्च तक आयोजित होने वाले भव्य समारोह की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे राज्य की प्रगति एवं उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करें।प्रमुख निर्देश और निर्णय:प्रधानमंत्री जनमन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, बहुद्देशीय केंद्र सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों से तालमेल के साथ समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने देने के निर्देश दिए गए। सभी हितग्राहियों को समय पर लाभ प्रदान करने की हिदायत दी गई।
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को पोर्टल में अद्यतन एंट्री करने के निर्देश दिए गए।“मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत पेयजल स्रोतों की सफाई, गंदगी की रोकथाम तथा तालाबों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए।
पालक-शिक्षक बैठकों के माध्यम से बच्चों को खतरनाक जलस्रोतों से दूर रखने हेतु जनजागरूकता बढ़ाने की बात कही गई।खनन स्थलों की सुरक्षा को लेकर गड्ढों का चिन्हांकन एवं आवश्यक सतर्कता बरतने को कहा गया।
कृषि एवं ग्रामीण विकास पर विशेष जोर:कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों के पंजीयन को अनिवार्य करते हुए कृषि विभाग को तेजी लाने के निर्देश।
सहकारी समितियों में भंडारित खाद का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया। किसी भी समिति द्वारा खाद रोके जाने की स्थिति को गंभीरता से लेने की चेतावनी।
सड़कों पर आवारा मवेशियों की समस्या को नियंत्रित करने के लिए नगरीय निकायों एवं जनपद सीईओ को नामजद कर निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक अनुशासन और ई-गवर्नेंस:सभी अधिकारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने और अधीनस्थों को भी इसके लिए निर्देशित करने को कहा गया।
शासकीय कार्यों में अनुचित लेन-देन की शिकायतों को सख्ती से नकारते हुए पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश।
ई-ऑफिस प्रणाली के तहत फाइल मूवमेंट और डिजिटल प्रक्रिया को मजबूती देने के लिए सभी कार्यालयों को निर्देशित किया गया।
युक्तियुक्तकरण के तहत कार्यभार ग्रहण न करने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी करने तथा शिक्षा विभाग को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के आदेश दिए गए।
बैठक के अंत में कलेक्टर लंगेह ने सभी अधिकारियों को अपने कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जानकारी देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जमीनी स्तर तक पहुंचाया जाए।