प्रदेश योग संघ अध्यक्ष खोमेश साहू को मिली पीएचडी उपाधिपं. रविशंकर यूनिवर्सिटी में संपन्न हुई मौखिकी परीक्षा।

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अर्जुनी/ रुपेश वर्मा /सर्वव्यापी/

पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, योग विभाग के रिसर्च स्कॉलर खोमेश साहू को प्रो. भगवन्त सिंह, से.नि. आचार्य एवं विभागाध्यक्ष के शोध निर्देशन में अवसाद रोग का योगोपचार पर पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है।

पीएचडी की मौखिकी परीक्षा इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, उत्तरप्रदेश के प्रो. गोपाल साहू व प्रो. एल.एस. गजपाल, विभागाध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्ययनशाला, रायपुर के पर्यवेक्षण में सम्पन्न हुआ। मौखिकी परीक्षा में खोमेश साहू ने बताया कि अवसाद के उपचार में रोगी को अंतर्मुखी से बहिर्मुखी बनाने हेतु उत्साहवर्धन आसन, सूर्यनमस्कार (क्षमतानुसार) भस्त्रिका, सूर्यभेदी प्राणायाम, महामृत्युंजय मंत्र जाप कराना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में योग के रहे प्रथम यूजीसी-जेआरएफ खोमेश साहू योग विषय में यूजीसी-जेआरएफ निकालने वाले छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम प्रतिभागी है। जून, 2019 में उन्होंने 72 प्रतिशत के साथ जनरल कोटे से यह कीर्तिमान स्थापित किया था ।जो अन्य विद्यार्थियों के लिए सदैव प्रेरणा का विषय बना रहा। 30 वर्ष की उम्र में पीएचडी प्राप्त करने वाले वह योग के पहले उपाधिधारी बन गए है। बता दे कि। खोमेश साहू बेलोरा मगरलोड विकासखंड के रहने वाले है पिता रूपचंद साहू व माता कामती साहू ने बेटे के इस उपलब्धि पर मिठाई खिलाकर प्रसन्नता व्यक्त किया हैँ। वर्ष 2018 में खोमेश ने पोस्ट मास्टर, स्थान- गट्टासिल्ली, जिला-धमतरी के सरकारी नौकरी को छोड़कर योग में पी-एच.डी. के अवसर को चुना।

बचपन से ही मेधावी रहे खोमेश साहू की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, मोहदी, से उच्चतर स्कूली शिक्षा स्वतंत्रता सेनानी स्कूल, मेघा से हुई। ततपश्चात स्नातक की पढ़ाई उन्होंने गुरु घासीदास, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, बिलासपुर से बीएससी इन फॉरेस्ट्री (4 वर्षीय पाठ्यक्रम) में की।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें आध्यात्म एवं योग से गहरा लगाव हो गया था जिसके कारण वह योग की पढ़ाई हेतु वर्ष 2016 में वह पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर आ गए और दर्शन एवं योग विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूर्ण की।

_संसाधनों के अभाव में 23 वर्ष की उम्र में छत्तीसगढ़ राज्य के यूनिवर्सिटी से बने प्रथम यूजीसी-जेआरएफ_ वर्ष 2018 में संसाधनों के अभाव के बाद भी उन्होंने प्रथम प्रयास में योग विषय में नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्ष 2019 में महज 23 वर्ष की उम्र में छत्तीसगढ़ राज्य के यूनिवर्सिटी से योग विषय में यूजीसी-जेआरएफ निकालने वाले प्रथम प्रतिभागी बन गए। इस प्रकार वह राज्यभर के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए।

_दावड़ा यूनिवर्सिटी, नया रायपुर के माध्यम से जन-सामान्य तक पहुंच रहा योग_ वर्तमान में खोमेश साहू दावड़ा यूनिवर्सिटी, नया रायपुर में योग विभाग प्रमुख के रूप में अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं। वह विश्वविद्यालय के माध्यम ऋषि-मुनियों द्वारा प्रतिपादित योग को 20 से 80 उम्र के सभी विद्यार्थियों द्वारा जन-सामान्य तक पहुंचाने का वृहद कार्य कर रहे हैं।

_इन्होंने दे बधाई_ इस अवसर पर डॉ. हेमन्त शर्मा, प्रो. कप्तान सिँह, डॉ. रंजना मिश्रा, डॉ. वंदना काले, डॉ. प्रियंका शुक्ला, डॉ. योगेश साहू, डॉ. अर्चना शर्मा रूपचंद साहू, कामती साहू, खिलेश्वरी , गुंजन साहू, दिव्यम सहित पूर्वी उपस्थित रहें।


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