डॉ. मीरा निचळे के ‘भावांजली’ काव्‍यसंग्रह को राज्‍यस्‍तरीय शब्‍दगंध साहित्‍य पुरस्‍कार घोषित।

Share Now

वर्धा/बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक,सर्वव्यापी/

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के अनुवाद अध्‍ययन विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. मीरा निचळे को उनके ‘भावांजली’ मराठी काव्‍यसंग्रह को राज्‍यस्‍तरीय शब्‍दगंध साहित्‍य पुरस्‍कार-2023 घोषित हुआ है। उन्‍हें यह पुरस्‍कार रविवार, 09 फरवरी 2025 को महाराष्‍ट्र राज्‍य साहित्‍य एवं संस्‍कृति मंडल एवं शब्‍दगंध साहित्यिक परिषद की ओर से अहिल्यानगर में आयोजित 16वें राज्य शब्दगंध साहित्य सम्मेलन में प्रदान किया जाएगा। इससे पूर्व ‘भावांजली’ कविता संग्रह को मुक्त सृजन साहित्य पत्रिका, संभाजीनगर से विशेष पुरस्कार एवं महाकवि कालिदास संस्थान, पुणे से महाकवि कालिदास पुरस्कार भी मिल चुका है। डॉ. निचळे की कविताएं, कथाएं विविध साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। उनके पचास से अधिक शोधनिबंध राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय पत्रिकाओं में तथा संपादित पुस्‍तकों में प्रकाशित हुए हैं। उन्‍हें महाराष्‍ट्र राज्‍य हिंदी साहित्‍य अकादमी द्वारा ‘आचार्य नन्‍द दुलारे वाजपेयी’ पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया है। उनकी हिंदी कहानियों में हंस पत्रिका का योगदान, माध्‍यम, साहित्‍य तथा भाषा : विविध आयाम, साहित्‍य और मीडिया (स्‍त्री विमर्श के परिप्रेक्ष्‍य में), कोरिओग्राफर वैशाली गुप्‍ता (मोनोग्राफ), कॅनव्‍हास मधून बाहेर डोकावणारी मुलगी, जीवन स्‍वर साध्‍य करणारे शिक्षण, गौरवशाली संस्‍कृति (हिंदी से मराठी अनुवाद) तथा एक मुट्ठी ऊर्जा (हिंदी काव्‍यसंग्रह), भावांजली (मराठी कविता संग्रह) आदि पुस्‍तके प्रकाशित हैं।इस सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से प्रकाशित सर्वव्यापी अखबार की ओर से डाॅ मीरा निचले को अभिन्न बधाईयां।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!