विकास नंद/सर्वव्यापी/
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नया रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स एवं संभागायुक्तों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण पर विशेष जोर देते हुए स्पष्ट कहा कि अब “पेशी पर पेशी” का दौर समाप्त होगा।
जनता को बार-बार पेशी पर बुलाकर परेशान करने की प्रवृत्ति पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने नामांतरण, बंटवारे, अभिलेख दुरुस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन और डायवर्सन जैसे राजस्व मामलों की जिलेवार स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रकरण ई-कोर्ट में दर्ज हों ताकि मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग सरल हो सके।
तहसील स्तर पर विशेष अभियान चलाकर राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए गए।राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना सहित अधोसंरचना विकास कार्यों में भू-अर्जन की प्रक्रिया तेज करने के लिए कलेक्टर्स को सख्त निर्देश दिए गए। बस्तर संभाग में सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों को गति देने पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता पारदर्शिता और जवाबदेही है। जनता को समय पर न्याय मिलना ही जिम्मेदार शासन का परिचायक है। उन्होंने अधिकारियों को किसान पंजीयन और डिजिटल फसल सर्वे की प्रक्रिया समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
रजत महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की विकास यात्रा को जनभागीदारी के साथ उत्सव के रूप में मनाया जाए। इस दौरान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘सेवा पखवाड़ा’ के अंतर्गत रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर एवं राजस्व कैम्प जैसे कार्यक्रम आयोजित होंगे।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद, वित्त सचिव मुकेश बंसल, पीसीसीएफ सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।