विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले विभागों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव, अंबिकापुर के विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग के विधायक गुरु खुशवंत साहेब से विस्तृत मंत्रणा की।माना जा रहा है कि तीनों नेताओं को बुधवार सुबह 10.30 बजे राजभवन में मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी और इसके बाद विभागों का बंटवारा भी किया जाएगा।
संभावनाओं के मुताबिक गजेंद्र यादव को उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को देखते हुए स्कूल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग सौंपा जा सकता है। इस हेतु तकनीकी शिक्षा विभाग उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से लिया जा सकता है।
वहीं चर्चा है कि गुरु खुशवंत साहेब को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है। यदि यह विभाग उपमुख्यमंत्री अरुण साव से हटता है तो खुशवंत इसके नए मंत्री होंगे।
सूत्रों के अनुसार राजेश अग्रवाल को धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी मिलने के साथ-साथ आबकारी विभाग भी सौंपा जा सकता है।
फिलहाल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पास स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति सहित सामान्य प्रशासन, खनिज साधन, ऊर्जा, जनसंपर्क, वाणिज्यिक कर (आबकारी) और परिवहन विभाग हैं। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के रायपुर सांसद बनने के बाद उनके विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही हैं।
बताया जा रहा है कि हरियाणा फार्मूले के तहत इस बार तीन नेताओं को मंत्रीमंडल में शामिल किया जा रहा है। इसके बाद मुख्यमंत्री समेत कुल 14 मंत्री होंगे। अब तक 90 सीट वाली विधानसभा में 15 प्रतिशत नियम के तहत अधिकतम 13 मंत्री ही बनाए जाते रहे हैं।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय 21 अगस्त से 10 दिवसीय विदेश दौरे पर जापान और दक्षिण कोरिया जाने वाले हैं। उससे पहले मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों का बंटवारा तय कर दिया जाएगा।