विकास नंद/सर्वव्यापी/
पशुधन एवं मछलीपालन मंत्री रामविचार नेताम ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों की पहली बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्टेट और नेशनल हाइवे पर घूमंतु पशुओं की सुरक्षा तथा दुर्घटनाओं में घायल पशुओं के उपचार के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।
नगरीय क्षेत्रों के आसपास पशु दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नगर निकायों के समन्वय से सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मंत्री नेताम ने मछलीपालन विभाग की समीक्षा करते हुए नवा रायपुर में विश्वस्तरीय फिश एक्वेरियम हाऊस बनाने पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने अधिकारियों को चंडीगढ़, गुजरात व अन्य राज्यों का अध्ययन कर परियोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
साथ ही प्रत्येक जिले में दो-दो फिश प्रदर्शन तालाब विकसित करने को भी कहा।बैठक में उन्होंने क्लाइमेट के अनुसार पशुपालन, मुर्गीपालन, बकरीपालन एवं सुकरपालन को बढ़ावा देने पर बल दिया।
पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया व सूरजपुर जिलों में स्लाइज उत्पादन बढ़ाने की योजना बनाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, नीलक्रांति योजना और केज कल्चर के जरिए मत्स्य उत्पादन को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने फिनफिश हैचरीज, पंगेसियस व तेलपिया कल्चर को प्रोत्साहित करने तथा मत्स्य किसानों को सहकारी समितियों और मछुआ समितियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त सहला निगार, पशुधन विभाग के संचालक चंद्रकांत वर्मा, मछलीपालन विभाग के संचालक नारायण सिंह नाग समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।