मरही माता मंदिर, बरसात ने आज श्रद्धालुओं पर कहर बरपाया।

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सर्वव्यापी ब्यूरो/ रामनारायण यादव/ करगीरोड/

(कोटा) माँ मरही माता मंदिर दर्शन के लिए पहुँचे सोमवार को बलौदाबाज़ार जिले के एक ही परिवार के 4 सदस्य अचानक उफने नाले में बह गए।ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर को अचानक तेज बारिश शुरू हुई, जिससे नाला उफान पर आ गया। तेज बहाव में परिवार फँस गया और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को चेतावनी जारी की है कि बरसात के मौसम में नालों और जंगल के रास्तों से दूर रहें, क्योंकि अचानक बढ़ा पानी जानलेवा साबित हो रहा है।बरसात ने श्रद्धालुओं पर कहर बरपाया। माँ मरही माता मंदिर दर्शन के लिए पहुँचे बलौदाबाज़ार जिले के एक ही परिवार के 4 सदस्य अचानक उफने नाले में बहे प्रशासन और पुलिस दल मौके पर मौजूद, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी। ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर को अचानक तेज बारिश शुरू हुई, जिससे नाला उफान पर आ गया। तेज बहाव में परिवार फँस गया और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को चेतावनी जारी की है कि बरसात के मौसम में नालों और जंगल के रास्तों से दूर रहें, क्योंकि अचानक बढ़ा पानी जानलेवा साबित हो रहा है।भाटापारा (बलौदाबाज़ार) निवासी परिवार के 4 बच्चे बहे, 3 का शव मिला, 1 लापता  मरही माता मंदिर दर्शन करने पहुँचे भाटापारा, बलौदाबाज़ार निवासी एक ही परिवार के 4 मासूम बच्चे अचानक उफने नाले में बह गए। अब तक 3 बच्चों के शव बरामद हो चुके हैं। 1 बच्चे का शव अब भी लापता, तलाश जारी है।मृत बच्चों के नाम:गौरी धुर्व (13 वर्ष)निशांत धुर्व (5 वर्ष)मुस्कान धुर्व (13 वर्ष)चौथे बच्चे की भी बहने की सूचना, शव की तलाश जारी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोपहर को अचानक हुई भारी बारिश से नाला उफान पर आ गया। बहाव इतना तेज था कि बच्चों को बचाया नहीं जा सका। प्रशासन ने बताया कि रेस्क्यू टीम लगातार तलाशी अभियान चला रही है। मगर जंगल और नाले के उफान की वजह से मुश्किलें बढ़ रही हैं।अत्यंत दुखद समाचार शासन प्रशासन की घोर लापरवाही और अत्यंत संवेदन हीन हैं वन विभाग छत्तीसगढ़ वन मंडल बिलासपुर वन परिक्षेत्र बेलगहना उपवन परिक्षेत्र कोटाभानवारटक बिलासपुर कटनी रेल मार्ग पर एवं पेंड्रा रोड बिलासपुर सड़क मार्ग पर स्थित मरही माता शक्तिपीठ का मंदिर पिछले 8-10 सालों में श्रद्धालुओं का अति प्रिय मानता का मनोकामना पूर्ण होने का काफी प्रसिद्धि स्थल है वर्ष भरश्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन का उदासीन रवैया अंततः कल श्रद्धालुओं की मौत का कारण बना अगर समय रहते शासन के द्वारा मुख्य सड़क से शक्तिपीठ मरही माता मंदिर तक रोड एवं पूल अथवा रपटा  बन गया होता तो मृत्यु का कारण नहीं बनता इसमें सबसे ज्यादा लापरवाही वन विभाग की नजर आ रही है जो सिर्फ जंगल का दोहन और अपने कर्तव्य से विमुख नजर आता है रपटा इतना बड़ा कार्य नहीं था जिसकी प्रतीक्षा किसी दुर्घटना के लिए की जाती माननीय उच्च अधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप कर रपटा निर्माण एवं मरही माता दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के सभी सुविधाओं का तुरंत एवं समुचित व्यवस्था की जाए जिससे भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति ना हो सके।


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