विकास नंद/ सर्वव्यापी/
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर एसोसिएशन (ATCA) के चेयरमैन ली जे जेंग और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस मुलाकात में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं और साझेदारी के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई।ATCA, जिसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल की 60 से अधिक कंपनियाँ शामिल हैं, ने छत्तीसगढ़ में बी2बी साझेदारी में रुचि जताई।
मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य का दौरा करने का आमंत्रण दिया और कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेशकों के लिए उद्योग-अनुकूल वातावरण और ‘प्लग एंड प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा रही है।उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों जैसे आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और एम्स से सशक्त मानव संसाधन प्रदान करता है। इसके साथ ही राज्य में प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता, लिथियम जैसे खनिजों की उपलब्धता और मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क इसे इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटोमोबाइल और हाई-टेक उद्योगों का संभावित हब बनाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्षिण कोरिया भारत का प्रमुख इस्पात आयातक देश है और छत्तीसगढ़, जो देश का अग्रणी इस्पात उत्पादक है, इस सहयोग को और गहरा करने के लिए तैयार है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोरिया की नवाचार क्षमता और छत्तीसगढ़ के संसाधनों के मिलन से विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा।
इसी क्रम में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया (ICCK) को नॉलेज पार्टनर बनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के तहत तकनीक, स्किलिंग और वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने की योजना है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर निवेशक को सिंगल विंडो क्लियरेंस, भूमि आवंटन और सभी आवश्यक अनुमतियों की सुविधा उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने भरोसा जताया कि दक्षिण कोरियाई कंपनियों की भागीदारी से प्रदेश में रोजगार, उद्योग और साझेदारी के नए अवसर उत्पन्न होंगे और भारत–कोरिया औद्योगिक सहयोग नई ऊँचाइयों को छुएगा।