विकास नंद/ सर्वव्यापी /
केन्द्रीय जेल रायपुर में इस वर्ष भी गणेश उत्सव बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। विशेष बात यह रही कि बंदियों ने स्वयं पर्यावरण के अनुकूल मिट्टी से भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का निर्माण कर उसकी स्थापना की। प्रतिमा निर्माण का कार्य छह बंदियों द्वारा किया गया, वहीं सजावट और उत्सव की संपूर्ण तैयारियों में भी कैदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
प्रतिमा स्थापना के बाद पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। इस अवसर पर बंदियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से गणेश भक्ति का भावपूर्ण प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जेल अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल रहे।
जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन बंदियों में आत्मविश्वास जगाने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक जागरूकता प्रदान करते हैं।
ऐसे अवसर जीवन को नई दिशा देने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में सहायक होते हैं।गणेश उत्सव के दौरान बंदियों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
प्रतिमा का विसर्जन जेल परिसर में बने कुंड में ही किया जाएगा, ताकि पर्यावरण को किसी भी प्रकार की हानि न पहुंचे।
यह आयोजन न केवल भक्ति और आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि कैदियों के जीवन में आत्मविश्वास और सकारात्मकता का संचार करने वाला भी साबित हुआ।