विकास नंद/ सर्वव्यापी/

महासमुंद जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं प्रभारी कलेक्टर आईएएस हेमंत रमेश नंदनवार पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद ही एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। अपने तेज-तर्रार और जनसम्पर्क आधारित कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले नंदनवार पूर्व में सरायपाली एसडीएम के रूप में भी जिले की सेवा दे चुके हैं। जिले की भौगोलिक, सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों से परिचित होने के कारण वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप विकास कार्यों को गति और पारदर्शिता देने में जुट गए हैं।
लगातार बैठकों और निरीक्षणों के माध्यम से वे जमीनी हकीकत पर नजर बनाए हुए हैं। विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गुणवत्ता और पारदर्शिता से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत आज जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा महासमुंद में जिले के पाँचों विकासखंडों के विषय विशेषज्ञों, बीआरसीसी और पीएलसी सदस्यों की बैठक आयोजित हुई।बैठक में सीईओ नंदनवार ने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता सुनिश्चित करने में पालकों की जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिए कि शाला त्यागी बच्चों का सर्वे कर पालकों से सतत संपर्क बनाए रखा जाए और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
साथ ही विद्यालयों का वातावरण आकर्षक एवं गतिविधि आधारित बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने पाँचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए नवोदय एवं प्रयास पद्धति पर आधारित तर्कशक्ति, ट्रिक मैथ्स और भाषाई शिक्षा को मजबूत करने के निर्देश दिए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण प्रणाली को और मजबूत बनाने, रजत जयंती वर्ष की गतिविधियों के पालन, जाति प्रमाणपत्र हेतु विशेष अभियान और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल में पीएम श्री स्कूल, छात्रवृत्ति एवं आरटीई संबंधी जानकारी के सत्यापन पर बल दिया।
जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने पाठ्यक्रम के समयबद्ध क्रियान्वयन, इकाई एवं तिमाही मूल्यांकन और ब्लूप्रिंट आधारित प्रश्नपत्र तैयार करने पर जोर दिया।
बैठक में पीएलसी सदस्यों ने शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों व समाधान पर प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रेजेंटेशन दिए। जिनमें त्रैमासिक परीक्षा पर जगदीश सिन्हा, एसडीपी पर ओम नारायण शर्मा, स्कूल मैनेजमेंट पर विजय शर्मा, एनईपी 2020 पर रिंकल बग्गा एवं एफएलएन पर अमित उईके ने प्रभावी प्रस्तुति दी।कार्यक्रम का संचालन एपीसी संपा बोस ने किया।