तरुण कौशिक/संपादक /सर्वव्यापी/
बिलासपुर शहर में मूसलाधार बारिश के बाद बिलासपुर नगर निगम के अधिकांश वार्डो में जलभराव पर चिंता जताते हुए नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने दलगत राजनीति से हटकर शहर में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तकनीकी रूप से स्थाई निराकरण करने की मांग रखी है। उन्होंने निगम प्रशासन को सुझाव दिया है कि महापौर, निगम आयुक्त को चाहिए कि शहर में जिन इलाकों में पानी भरता है टेक्निकल टीम के द्वारा सर्वे करा कर नाली का निर्माण होना चाहिए ताकि भविष्य में बारिश में पानी नहीं भरे। नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने कहा है कि हर साल बारिश में कई इलाकों में पानी भरता है लेकिन बारिश के बाद निगम प्रशासन पानी निकासी की व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं देता। बरसात के बाद इसके लिए योजना बनाना भूल जाता है। बरसात के मौसम में हर साल जब भी शहर में तेज बारिश हुई है निचले इलाकों में पानी भर जाता है । आज 24 घंटा पहले जो बारिश हुई उस शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। लोगों के घरों में पानी घुस गया, नालियों का पानी सड़क पर बहने लगा। झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले परिवार सड़क पर आ गए कच्चे मकान टूट गए। हर साल बारिश में लगभग यही स्थिति रहती है। लेकिन नगर निगम के द्वारा जल भराव को रोकने के लिए स्थाई रूप से कोई योजना नहीं बनाई गई। अधिकारी भी बारिश के बाद इस योजना पर काम करना भूल जाते हैं। प्रदेश में भाजपा की भी सरकार रही और कांग्रेस के भी लेकिन किसी ने भी स्थाई रूप से पानी निकासी की समस्या के लिए योजना नहीं बनाई। नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने कहा है कि पुराना बस स्टैंड, श्रीकांत वर्मा मार्ग, विनोबा नगर, लिंक रोड,तोरवा, देवरी खुर्द, अरविंद नगर बंधवा पारा, जोरा पारा, नेहरू नगर, कस्तूरबा नगर पत्रकार कॉलोनी सहित सभी ऐसे इलाके जहां पर बारिश में पानी भर जाता है इन इलाकों में पानी निकासी के लिए स्थाई रूप से निगम प्रशासन को सर्वे कराकर तकनीकी रूप से व्यवस्था करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया है कि नगर निगम की तकनीकी टीम तथा इंजीनियर जल भराव वाले क्षेत्र का निरीक्षण कर सर्व करें , जहां नाला एवं कलवर्ट का निर्माण करना है वहां इंजीनियर की टीम सर्व करें,तथा आने वाले दिनों के लिए कार्य योजना बनाएं। ताकि शहर में अगले साल बारिश में नागरिकों को जल भराव की समस्या का सामना न करना पड़े। नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप ने कहा है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार थी उस समय शहर में करोड़ों की लागत से नालियों का निर्माण किया गया। फिर प्रदेश में पिछले 5 साल कांग्रेस की सरकार थी, केंद्र में भाजपा की सरकार थी लेकिन केंद्र से आपदा प्रबंधन के नाम पर, एवं पानी निकासी की कार्य योजना के लिए राशि नहीं मिली। लगातार बारिश से शहर में कल तो लगभग 2000 घरों में पानी घुसने से जनजीवन अस्त्र-शस्त्र हो गया। लोगों के घरों का सामान खराब हो गया। कश्यप ने कहा है कि प्रदेश में तीन इंजन और चार इंजन की सरकार है। यहां भी ट्रिपल इंजन की सरकार है। महापौर को चाहिए कि बारिश में बाढ़ से बचाव के लिए, कार्य योजना बनाने अधिकारियों को निर्देशित करें। सभी भाजपा व कांग्रेस पार्षदों से सुझाव लिए जाएं। दलगत राजनीति से हटकर ज्वाली नाला की तर्ज पर बारिश में बाढ़ से बचाव, व पानी निकासी की व्यवस्था का स्थाई समाधान होना चाहिए। ताकि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। और निगम के इस काम पर कांग्रेस पार्षद दल महापौर के साथ है।