सफलता की कहानी- मौसमी सीताफल का व्यवसाय समूह की महिलाओं के लिए बना आय का जरिया…एक ही दिन में इकट्ठा हुआ 60 हजार रूपये।

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नूर मोहम्मद /गौरेला, पेंड्रा, मरवाही/( सर्वव्यापी )

सीताफल उत्पादन में जीपीएम जिले का नाम चर्चित है। इस मौसमी फल के व्यवसाय से स्वसहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। समूह द्वारा एक ही दिन में 60 हजार रूपये इकट्ठा किया गया है। कलेक्टर लीना कमलेश मण्डावी के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे के निर्देशन में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत गठित स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बड़े पैमाने पर सीताफल कलेक्शन का कार्य किया जा रहा है। तिपान महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी गौरेला एवं मलनिया महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी पेण्ड्रा के माध्यम से उत्पादक समूह की महिलाओं द्वारा ग्राम जोगीसार, चुकतीपानी, सारबहरा, कोटमी, भाड़ी आदि ग्रामों से सीताफल का कलेक्शन किया जा रहा है।

समूह की महिलाओं द्वारा इस समय 300 रुपये प्रति कैरैट के हिसाब से सीताफल खरीद कर एक दिन में 60 हजार रुपये इकट्ठा किया गया है। ग्राम जोगीसार के समूह की महिला फूलबाई, बिंदिया एवं गंगोत्री ने बताया गया कि बिहान के सहयोग से महिलाओं की आय निरंतर बढ रही है। एनआरएलएम के सहयोग से हमारा सीताफल आज उत्तरप्रदेश, बिहार और बिलासुपर शहर में बिक रहा है। हमारे जिले के सीताफल की मांग अन्य राज्यों में होने से हम लोगों की आय में बढोत्तरी हो रही है। जिला मिशन प्रबंधक दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि वर्तमान में उत्पादक समूह एवं महिला फार्मर प्राड्यूसर कंपनी के माध्यम से अभी सीताफल कलेक्शन कर जिले से बाहर बिक्री हेतु भेजा जा रहा है। भविष्य में जिले में प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर सीताफल का पल्ब भी निकाल कर जिले एवं जिले से बाहर बिक्री हेतु भेजा जायेगा, इससे महिलाओं की आय में और भी ज्यादा वृद्धि होगा।


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