विकास नंद /सर्वव्यापी/
महासमुंद प्रदेशभर में बिजली की आंख-मिचौली से आम जनता त्राहिमाम कर रही है। कभी दिन में तो कभी रात में अचानक गुल हो रही बिजली से लोग असुविधा झेलने को मजबूर हैं।
आलम यह है कि ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी मोहल्लों तक बिजली आपूर्ति की अनिश्चितता लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भारी पड़ रही है।
गर्मी और उमस से परेशान नागरिकों का कहना है कि सरकार ने 24 घंटे निर्बाध बिजली का वादा किया था, मगर हकीकत इससे उलट है।
छोटे व्यापारी कारोबार में नुकसान की शिकायत कर रहे हैं, किसान सिंचाई में बाधा से चिंतित हैं और छात्र-छात्राएँ परीक्षा की तैयारी में कठिनाई का सामना कर रहे हैं।
विपक्ष का हमला
बिजली संकट पर विपक्ष ने साय सरकार को आड़े हाथों लिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार जनता को केवल खोखले वादे सुना रही है, जबकि जमीनी हालात बतला रहे हैं कि बिजली विभाग पूरी तरह अव्यवस्था का शिकार है। “जनता को अंधेरे में रखने वाली सरकार का असली चेहरा अब सामने आ चुका है,” विपक्ष ने तंज कसते हुए कहा।
सरकार और विभाग की सफाई
वहीं बिजली विभाग का कहना है कि तकनीकी खामियों और लाइन मरम्मत कार्यों के चलते कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसे जल्द दुरुस्त कर लिया जाएगा। विभाग ने दावा किया है कि सरकार आम नागरिकों को सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
जनता की नाराज़गी
जनता का कहना है कि यह महज तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि विभागीय लापरवाही का नतीजा है। लोग सवाल कर रहे हैं कि जब सरकार खुद “बिजली व्यवस्था दुरुस्त” होने का दावा करती है, तब फिर क्यों रोजाना घंटों गुल रहती है बिजली?
फिलहाल बिजली संकट ने न केवल नागरिकों की दिनचर्या बिगाड़ी है, बल्कि साय सरकार की छवि पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।