विकास नंद/ सर्वव्यापी/
1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करते हुए विकास यात्रा का नया अध्याय लिखा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप तय किया है। सरकार का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में प्रदेश की जीडीपी को दोगुना कर 75 लाख करोड़ तक पहुँचाना है, जिससे प्रत्येक नागरिक की आय में दस गुना वृद्धि हो सके।
नई उद्योग नीति ने छत्तीसगढ़ को निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बना दिया है। अब तक लगभग 6.65 लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित हुआ है। इज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस को भी प्राथमिकता दी गई है। एमएसएमई, स्टार्टअप और नई टेक्नॉलॉजी आधारित उद्योगों को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरबा जिले के पॉवर एवं मेटल सेक्टर से लेकर दुर्ग-राजनांदगांव के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तक नए औद्योगिक केंद्र विकसित हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहाँ लिथियम ब्लॉक की सफल नीलामी हुई है। राज्य ऊर्जा उत्पादन में तेजी से प्रगति कर रहा है। वर्तमान में विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। विद्युत उत्पादन क्षमता 30 हजार मेगावॉट है, जो वर्ष 2030 तक देश में प्रथम स्थान पर पहुँच जाएगी।
छत्तीसगढ़ तेजी से सौर ऊर्जा क्रांति की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सर्वाधिक लोकप्रिय योजना बन गई है। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर लाभ उठा रहे हैं।
वर्ष 2027 तक 5 लाख घरों में सोलर पैनल के माध्यम से मुफ्त बिजली की व्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है।राज्य में रेलवे नेटवर्क, राष्ट्रीय राजमार्ग, एयरपोर्ट और इंटीरियर कनेक्टिविटी पर तेजी से काम हो रहा है। राजधानी रायपुर, नया रायपुर और भिलाई को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है, जो भविष्य में 50 लाख आबादी की जरूरतें पूरी करेगा।
कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। धान के साथ-साथ कोदो, कुटकी, रागी जैसे मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, सिंचाई पम्पों को निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों से किसान सशक्त हो रहे हैं। लघु वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, जिससे वनवासियों की आय में वृद्धि और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।पिछले डेढ़ वर्ष में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। दूरस्थ इलाकों में स्कूल, मोबाइल कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं।
आयुष्मान भारत योजना से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क इलाज मिल रहा है। बच्चों और युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोले गए हैं।राज्य सरकार ने सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से नागरिक घर बैठे राजस्व, पेंशन और प्रमाण पत्र जैसी सेवाएँ प्राप्त कर रहे हैं। भ्रष्टाचार पर रोक और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अनेक सुधार किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए विशेष योजनाएँ लागू की गई हैं। कल्चर पार्क और फिल्म सिटी की स्थापना की पहल हुई है। स्थानीय कलाकारों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। खेलों में नए स्टेडियम और प्रशिक्षण केंद्र युवाओं को अवसर प्रदान कर रहे हैं।छत्तीसगढ़ आज आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में बढ़ रहा है। सड़क, रेल, उद्योग, ऊर्जा, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुशासन और संस्कृति—हर क्षेत्र में संतुलित विकास हो रहा है।
राज्य का संकल्प है कि 2047 तक छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और आत्मनिर्भर राज्यों की श्रेणी में शामिल किया जाए।


