विकास नंद/सर्वव्यापी/
राज्य में जल्द ही बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। यह बदलाव मंत्रालय से लेकर जिलों में पदस्थ कलेक्टरों तक देखने को मिल सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के साथ ही सरकार प्रस्तावित फेरबदल पर मुहर लगा देगी। सूत्रों का कहना है कि इस हफ्ते के अंत तक राज्य को नया प्रशासनिक मुखिया मिल जाएगा और नॉन-परफार्मर कलेक्टरों की विदाई तय मानी जा रही है।
इसी बीच वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विकासशील को आनन-फानन में वापस बुलाए जाने के बाद उनके मुख्य सचिव बनने की संभावना और प्रबल हो गई है। राजधानी में उनकी हालिया मौजूदगी और गुपचुप मुलाकातों ने इस अटकल को और मजबूत किया है। हालांकि ब्यूरोक्रेसी के भीतर यह सवाल उठ रहा है कि अब तक केंद्र सरकार ने उनकी सेवाएं राज्य को लौटाने का आदेश क्यों जारी नहीं किया।
बताया जाता है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं 8 सितंबर को केंद्र सरकार को पत्र भेजकर विकासशील की सेवाएं वापस मांगी थीं, जिसके बाद डीओपीटी ने उन्हें एशियन डेवलपमेंट बैंक से रिलीव कर दिया। माना जा रहा है कि राज्य सरकार जल्द ही उनकी नियुक्ति को लेकर आदेश जारी कर सकती है।
मंत्रालय में भी होगा बदलाव नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के साथ ही मंत्रालय स्तर पर भी जिम्मेदारियों में फेरबदल की तैयारी है।
सूत्रों के मुताबिक—सिद्धार्थ कोमल परदेसी से स्कूल शिक्षा विभाग लेकर उन्हें स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है।बसव राजू से नगरीय प्रशासन विभाग लेकर उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग सौंपा जा सकता है।वर्तमान स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया को नगरीय प्रशासन विभाग दिए जाने की चर्चा है।
राज्य शासन के इस संभावित फेरबदल का असर जमीनी स्तर पर कितना दिखाई देगा, यह समय के साथ स्पष्ट होगा। लेकिन इतना तय है कि नॉन-परफार्मर कलेक्टरों की विदाई और मंत्रालय में अहम जिम्मेदारियों के बदलाव से प्रशासनिक हलचल तेज हो चुकी है।


