तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले केअमरपुर निवासी विकलांग महिला राजकुमारी गुप्ता पिता निर्मल गुप्ता की जमीन धोखाधड़ी से बेच दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। महिला ने पहले कलेक्टर कार्यालय गौरेला में शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई न होते देख वह जिला कार्यालय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) पहुंची और अपनी व्यथा इंटक जिला अध्यक्ष इदरीस अंसारी को सुनाई।इदरीस अंसारी, जिन्हें मजदूरों और गरीबों का मसीहा कहा जाता है, ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों अशफाक मंसूरी, कुसुम गुप्ता और रोहित चौधरी को दफ्तर बुलाया। उस समय तीनों ने जमीन बेचने की बात स्वीकार की थी और आपसी समझौते का आश्वासन दिया था। लेकिन बाद में वे मुकर गए और यहां तक कह दिया कि हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।इस पर इंटक जिला अध्यक्ष ने संगठन के साथ बैठक कर पीड़िता को इंसाफ दिलाने का संकल्प लिया और पूरे इंटक परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक भगत से मुलाकात की। अंसारी ने तीनों आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और महिला की बेची गई जमीन की रजिस्ट्री निरस्त करने की मांग की।शिकायत को संज्ञान में लेते हुए एसपी भगत ने तत्काल एडिशनल एसपी ओम चंदेल को जांच का जिम्मा सौंपा और इदरीस अंसारी को चंदेल से मिलने का निर्देश दिया। इसके बाद इंटक परिवार पीड़िता राजकुमारी गुप्ता को लेकर एडिशनल एसपी से मिला और विस्तृत शिकायत दर्ज कराई।इंटक अध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में बताया कि विकलांग महिला की जमीन हड़पने और पैसे तक न देने का कार्य घोर अन्याय है। आरोपियों ने न सिर्फ महिला के साथ छल किया बल्कि इंटक संगठन का भी अपमान किया है। अब हमें भरोसा है कि एसपी और एडिशनल एसपी की पहल से महिला को न्याय मिलेगा।इंटक परिवार ने पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि दोनों अधिकारी बिना भेदभाव गरीब और अमीर को समान दृष्टि से देखते हैं और जिम्मेदारी से कार्य कर रहे हैं।आज ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से इदरीस अंसारी, राकेश पुरी, बलराम देवगन, ओमकार पांडे, भोला पड़वार, मदन मोहन, दसरथ, गोमती पुरी, धनकुंवर, दुर्गावती, रीनू रजक सहित इंटक परिवार के लोग शामिल रहे।


