विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई जगहों पर आवागमन ठप हो गया है। महासमुंद जिले के सभी विकासखंडों में छोटे-बड़े मार्ग जलमग्न हो गए हैं और कई पुल-पुलियाओं पर पानी बहने से लोगों की आवाजाही पूरी तरह से रुक गई है।
भारी वर्षा के चलते सरायपाली से सारंगढ़ जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पुल-पुलिया पर पानी का तेज बहाव होने लगा। इसे देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने झिलमिला चौक में बेरिकेट लगाकर मार्ग को बंद कर दिया है। सुरक्षा कारणों से इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह से रोक दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति सामान्य होने तक इस मार्ग का उपयोग न किया जाए।
जिला कलेक्टर विनय लंगेह ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण अचानक जलस्तर बढ़ सकता है, ऐसे में नदी-नालों और पुल-पुलियाओं के समीप जाने से परहेज करें।
कलेक्टर ने अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करें।
प्रशासन ने बताया है कि जिले के कई आंतरिक गांवों का संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो चुका है। कुछ स्थानों पर किसानों की फसलें भी जलमग्न हो गई हैं। बिजली आपूर्ति भी कई क्षेत्रों में बाधित हुई है।
स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।
इस बीच, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र का दौरा कर रही हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत माध्यमों से जारी की जा रही सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
भारी बारिश की इस स्थिति में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है। जिले के नागरिकों से अपेक्षा की जा रही है कि वे सावधानी बरतें और प्रशासन के साथ सहयोग करें।


