विकास नंद/सर्वव्यापी/
आदि कर्मयोगी अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने के लिए जिले में अधिकारी लगातार गांवों का दौरा कर कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित कर रहे हैं। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बागबाहरा विकासखंड के ग्राम रेताल पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण किया, वहीं जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने पिथोरा विकासखंड के ग्राम परसापाली में पहुंचकर दिशा-निर्देश प्रदान किए।
अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षण का चरण पूर्ण हो चुका है और अब ग्राम विकास हेतु विलेज एक्शन प्लान निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार 2 अक्टूबर को धरती आबा योजना अंतर्गत चयनित 308 ग्रामों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर इन एक्शन प्लानों का अनुमोदन किया जाएगा। अनुमोदन उपरांत इन्हें आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा, जिससे केंद्र सरकार ग्रामों की आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष योजनाएं तैयार कर सके।
पूर्व में योजनाएं उच्च स्तर पर तैयार होकर गांवों तक पहुंचती थीं, जिससे लाभ अंतिम छोर तक पूर्ण रूप से नहीं पहुंच पाता था। इस व्यवस्था में सुधार हेतु आदि कर्मयोगी अभियान की शुरुआत की गई है, जिसमें ग्रामवासी स्वयं अपने विकास की योजना बनाते हैं और शासन-प्रशासन उसका क्रियान्वयन करता है।
308 आदिवासी बहुल ग्रामों में ट्रांजैक्ट वॉक, चौपाल और बैठकों के माध्यम से ग्रामवासियों की समस्याओं और समाधान पर चर्चा कर एक्शन प्लान तैयार किए जा रहे हैं। इस कार्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिले के 6 मास्टर ट्रेनर और विकासखंड स्तर के 50 मास्टर ट्रेनरों की टीम सतत सहयोग कर रही है।
आज विकासखंड पिथोरा के सभी सचिवों को मास्टर ट्रेनर निलेश खांडे ने पुनः प्रशिक्षण प्रदान किया।
साथ ही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शिल्पा साय, जनपद सीईओ और अन्य अधिकारी भी अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।


