नूर मोहम्मद/ गौरेला पेंड्रा मरवाही/(सर्वव्यापी)

नई दिल्ली राजधानी के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में रविवार को इतिहास रचते हुए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच(MRM)ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। अखिल भारतीय मुस्लिम महासम्मेलन में देशभर से आए हज़ारों मुसलमानों ने तालीम, तरक्की, सद्भाव और साझेदारी को आधार बनाकर भारत के उज्ज्वल भविष्य में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया सम्मेलन में मंच के प्रांत संयोजक (छत्तीसगढ़) अफज़ल खान ने कहा कि “मुस्लिम राष्ट्रीय मंच अपनी 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूरी करने जा रहा है। यह केवल उत्सव का अवसर नहीं बल्कि आने वाले 25 वर्षों की नई दिशा और ऊर्जा का आह्वान है।”राष्ट्रीय संयोजक डॉ.अख्तर ने स्पष्ट किया कि मुसलमान अब केवल दर्शक नहीं,बल्कि राष्ट्र निर्माण के सहभागी बनेंगे उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में मुस्लिम समाज की तरक्की हेतु सुलह केंद्र,स्किल डेवलपमेंट सेंटर, छात्रवृत्ति योजनाएं और करियर गाइडेंस सेल की स्थापना की जाएगी।

“I Love Mohammad” पर महत्वपूर्ण संदेश डॉ. अख्तर ने कहा, “हज़रत मोहम्मद साहब मुसलमानों की आस्था और पहचान की बुनियाद हैं। इसे समझना और सम्मान देना सभी धर्मों के लिए आवश्यक है।”कार्यक्रम में शामिल प्रमुख हस्तियां इस ऐतिहासिक अवसर पर मंच के मार्गदर्शक डॉ. इंद्रेश कुमार, सांसद एवं वक्फ पर बनी जेपीसी के चेयरमैन जगदंबिका पाल,पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जाटिया,अजमेर शरीफ दरगाह के चेयरमैन ख्वाजा नसरुद्दीन, ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख मौलाना उमेर इलियासी, NCMEI के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शाहिद अख्तर, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, राष्ट्रीय संयोजक डॉ. इमरान चौधरी, राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद फैज खान,बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी,निजामुद्दीन दरगाह के चेयरमैन सलमी निजामी सहित देशभर के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी सम्मेलन की सफलता में छत्तीसगढ़ से पहुँचे कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही दुर्ग जिला संयोजक खालिक रिज़वी (पार्षद), अंबिकापुर से रेहान रज़ा,राजनांदगांव से अख़्तर अली,यासीन, इमरान खान, सरफ़राज, इरशाद, चिंटू साबरी, मीर अबरार, अक़ील, नौशाद,अहमद रज़ा,अजाज़ सहित अनेक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन को ऊर्जा और जोश से भर दिया।भविष्य की दिशामहासम्मेलन के अंत में यह संकल्प लिया गया कि आने वाले वर्षों में मुस्लिम समाज शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, रोज़गार,नशामुक्ति और राष्ट्रीय एकता के लिए और भी संगठित एवं आक्रामक अभियान चलाएगा। यह महासम्मेलन मुस्लिम समाज में नई सोच,सकारात्मक नेतृत्व और सुधार की दिशा तय करने वाला मील का पत्थर माना जाएगा। छत्तीसगढ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सौजन्य से


