तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ प्रशासन में नए मुख्य सचिव विकास शील के पदभार ग्रहण करने के बाद मंत्रालय स्तर पर आईएएस अफसरों का स्थानांतरण और प्रभार में बड़े बदलाव किए गए इसी कड़ी में ऊर्जा विभाग और संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव को वर्तमान प्रभार के साथ ही जनसंपर्क विभाग का अतिरिक्त जिम्मा सौंपा गया है।
यह जिम्मेदारी पहले मुख्यमंत्री सचिव पी. दयानंद के अधीन थी। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि डॉ. रोहित यादव की नियुक्ति उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए एक रणनीतिक कदम है।
पिछले कुछ दिनों में उन्होंने संस्कृति विभाग में अनेक अभिनव पहलों को लागू किया और ऊर्जा विभाग में परियोजनाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया। उनकी प्रशासनिक दक्षता और नीति निर्माण में गहरी समझ उन्हें जनसंपर्क विभाग के प्रभार के लिए उपयुक्त बनाती है।
जनसंपर्क विभाग सरकार और जनता के बीच सूचना और संवाद का पुल बनाने का काम करता है। डॉ. यादव की नियुक्ति से इस विभाग का कामकाज और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनने की संभावना है। उनके नेतृत्व में विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की संचार प्रक्रिया में स्पष्टता, तीव्रता और जनता-केंद्रित दृष्टिकोण दिखाई देगा।प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि डॉ. रोहित यादव की रणनीतिक सोच और प्रशासनिक क्षमता से मंत्रालय स्तर पर संस्कृति और जनसंपर्क विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। इससे न केवल सरकारी कार्यक्रमों की प्रभावशीलता बढ़ेगी, बल्कि जनता के प्रति प्रशासन की जवाबदेही भी मजबूत होगी।
डॉ. रोहित यादव के लिए यह नया प्रभार चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ उनके प्रशासनिक करियर को नई दिशा और गति देने वाला कदम है। उनके कुशल नेतृत्व में यह विभाग जनता की अपेक्षाओं और प्रशासनिक जरूरतों के बीच संतुलन स्थापित करने में सक्षम होगा।
सूत्रों के अनुसार, डॉ. यादव की नियुक्ति से मंत्रालय में एक नई ऊर्जा और कार्यकुशलता का संचार होगा, जिससे विभागीय निर्णय और नीति निर्माण में तेजी और स्पष्टता आएगी।
इस बदलाव को प्रशासनिक विशेषज्ञ भी सकारात्मक रूप में देख रहे हैं और इसे छत्तीसगढ़ प्रशासन के समग्र सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।


