तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के विकास कार्यों में तेजी और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आज अपने निवास कार्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई।
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में मुख्य सचिव सुबोध कुमार सिंह और नव मुख्य सचिव विकास शील सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव मौजूद रहे। बैठक की गंभीरता और महत्व इन वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति से और अधिक स्पष्ट हुई।
सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य में लंबित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, बजट प्रावधानों की स्थिति का आकलन तथा विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करना था।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ समयसीमा के भीतर जनता तक पहुंचे और किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि अब केवल रिपोर्टिंग से काम नहीं चलेगा, बल्कि वास्तविक परिणाम और ठोस उपलब्धियां ही स्वीकार्य होंगी। बैठक में कई संवेदनशील और प्राथमिकता वाले मुद्दों पर तत्काल निर्णय लेने के निर्देश भी दिए गए।
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक को प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही की नई परिभाषा के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले महीनों में विकास कार्यों में गति और विभागों पर प्रदर्शन का दबाव दोनों बढ़ने के संकेत हैं।
मुख्यमंत्री की यह सख्त मॉनिटरिंग व्यवस्था राज्य के सुशासन और त्वरित विकास की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।


