मां काली की भव्य स्थापना से गूंजा मुंगेली शहर — परमेश्वरी चौक में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़। - Sarvavyapi मां काली की भव्य स्थापना से गूंजा मुंगेली शहर — परमेश्वरी चौक में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़। - Sarvavyapi

मां काली की भव्य स्थापना से गूंजा मुंगेली शहर — परमेश्वरी चौक में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़।

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जियाउद्दीन खान/ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी/

मुंगेली में दीपों के पर्व दीपावली की पावन रात्रि को जहाँ एक ओर घर-घर दीप जलाए जा रहे थे, वहीं मुंगेली शहर का परमेश्वरी चौक भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी नगर पालिका परिषद मुंगेली के राजेन्द्र वार्ड एवं विवेकानंद वार्ड के समीप स्थित माता परमेश्वरी चौक में माँ काली की भव्य प्रतिमा का विधि-विधान से स्थापना की गई। दीपावली की मध्यरात्रि 12 बजे पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माँ काली की मूर्ति का प्राण-प्रतिष्ठा कर पूजन-अर्चना किया। पूजा के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिला मंडल और समिति के सदस्य उपस्थित रहे। जैसे ही माँ काली की आरती प्रारंभ हुई, पूरा परिसर “जय मां काली” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। समिति के सदस्य राजा तिवारी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दीपावली की रात्रि में माँ काली की स्थापना की गई है, और एकादशी तक माता की विधिवत सेवा, आराधना व पूजा-अर्चना की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन तीन बार — सुबह 9 बजे, दोपहर 1 बजे और रात्रि 7 बजे — मां की भव्य आरती की जाती है। इस दौरान पंडितों द्वारा शास्त्र सम्मत विधि-विधान से पूजा की जाती है।राजा तिवारी ने आगे बताया कि मां काली का यह स्वरूप अत्यंत विकराल और तेजस्वी है। माता के इस दिव्य रूप के दर्शन के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु अपने घर-परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की कामना के साथ माता के चरणों में नतमस्तक हो रहे हैं। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और दीपों से सजाया गया है। शाम के समय जब आरती के साथ ढोल-नगाड़े और भक्ति गीतों की गूंज उठती है, तो पूरा चौक दिव्य आभा से जगमगा उठता है। इस आयोजन में नगर के युवाओं एवं समिति के सदस्यों ने सक्रिय सहयोग दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। मां काली की यह वार्षिक स्थापना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह मुंगेली शहर की सांस्कृतिक परंपरा का भी अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। हर वर्ष दीपावली की रात से लेकर एकादशी तक यहां भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह जानकारी सोशल मीडिया प्रचारक कोमल देवांगन मुंगेलिहा द्वारा साझा की गई।


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