विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ 1 नवंबर को अपनी रजत जयंती मना रहा है। राज्य सरकार ने इस अवसर पर राज्योत्सव को भव्य और यादगार बनाने के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के आगमन को ऐतिहासिक बनाने के लिए डबल इंजन की सरकार पूरे जोश के साथ तैयारियों में जुटी हुई है।
हालांकि, वित्तीय वर्ष 2024-25 में ग्राम पंचायतों को मूलभूत आवश्यकताओं और विकास कार्यों के लिए 15वें वित्त की राशि अब तक नहीं मिली है। इस वजह से कई पंचायतों में आवश्यक संरचनात्मक व्यवस्थाएं और विकास कार्य ठप पड़े हैं।
सूत्रों के अनुसार, राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यक्रम में अधिक से अधिक भीड़ जुटाने के लिए भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने पंचायतों पर दबाव बढ़ा दिया है।
इसी कड़ी में हाल ही में सरायपाली जनपद पंचायत क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने 15वें वित्त की राशि और मानदेय का भुगतान शीघ्र करने की मांग करते हुए ज्ञापन दिया था।ज्ञापन देने के बावजूद पंचायतों को अब तक कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है। इससे न केवल विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई है, बल्कि राज्योत्सव की तैयारियों में भी पंचायतें वित्तीय संकट का सामना कर रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिना आवश्यक वित्तीय संसाधनों के आयोजनों को सुचारू रूप से संचालित करना चुनौतीपूर्ण होगा। वहीं, ग्रामवासियों में नाराजगी बढ़ रही है और कई पंचायतें भीड़ जुटाने के दबाव को लेकर असंतोष व्यक्त कर रही हैं।
राज्य शासन के लिए यह चुनौती बन गई है कि वह ग्राम पंचायतों के वित्तीय संकट को दूर करे, ताकि रजत जयंती का उत्सव भव्यता के साथ ग्राम पंचायतों में भी मनाया जा सके और प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियां सुचारू रूप से पूरी हो सकें।


