विकास नंद/ सर्वव्यापी/

सरायपाली शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार और उत्कृष्ट योगदान के लिए शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम डुडूमचुवा, सरायपाली में पदस्थ शिक्षक एवं साहित्यकार सुन्दर लाल डडसेना को “छत्तीसगढ़ कलार सामाजिक शिक्षा रत्न पुरस्कार-2025” से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान छत्तीसगढ़ कलार समाज शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. रूपनारायण सिन्हा (अध्यक्ष, छ.ग. राज्य योग आयोग) के करकमलों से प्रदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवराज सिन्हा (प्रांतीय अध्यक्ष, कलार समाज) ने की।
इस अवसर पर राकेश पाण्डेय (अध्यक्ष, छ.ग. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड), योगेश्वर राजू सिन्हा (विधायक, महासमुंद), श्रीमती प्रमिला सिन्हा (प्रांतीय महिला अध्यक्ष), दीपक सिन्हा (संरक्षक), भोजराम सिन्हा (पूर्व प्रांताध्यक्ष) एवं देवेंद्र डडसेना (संयोजक, शिक्षा प्रकोष्ठ अध्यक्ष) विशेष रूप से उपस्थित रहे।सुन्दर लाल डडसेना को यह पुरस्कार उनके शिक्षण कार्य में दक्षता, नवाचारी गतिविधियों, उत्कृष्ट सेवा और शासन की योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए प्रदान किया गया। वे छत्तीसगढ़ के पहले “मैथ्स गार्डन” (शासकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शाला अनसुला) के निर्माता भी हैं।डडसेना लगातार बच्चों में रचनात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए कबाड़ से जुगाड़, स्वनिर्मित शिक्षण सामग्री तथा नवाचार गीतों के माध्यम से अध्ययन को सहज और रुचिकर बनाते हैं। उनके सतत प्रयासों से कई विद्यार्थी एकलव्य विद्यालय, जवाहर नवोदय, सैनिक स्कूल, प्रयास आवासीय विद्यालय और राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजनाओं में चयनित हो चुके हैं।


