तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर राज्य प्रशासन इस स्तर पर एकजुट और सक्रिय दिख रहा है। मुख्य सचिव विकास शील के नेतृत्व में चल रही तैयारियों ने यह साबित कर दिया है कि जब टीमवर्क, अनुशासन और प्रबंधन का सही तालमेल होता है, तो किसी भी आयोजन को उत्कृष्टता की मिसाल बनाया जा सकता है।मुख्य सचिव विकास शील स्वयं लगातार स्थल निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के आगमन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल, मंच संचालन से लेकर हर बिंदु पर सूक्ष्म रूप से समीक्षा की है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी इस पूरे कार्यक्रम की तैयारी में मुख्य सचिव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध निर्णय लेने की प्रक्रिया ने प्रशासनिक मशीनरी को नई गति दी है।सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए दोनों अधिकारियों ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष के अनुरूप “सुरक्षा, सादगी और श्रेष्ठता” का मॉडल बनाने की ठोस रणनीति बनाई है। राज्य के सभी विभागों पुलिस, जनसंपर्क, संस्कृति, लोक निर्माण, नगर निगम, पंचायत ,स्वास्थ्य आदि के अधिकारी चौबीसों घंटे मोर्चे पर डटे हुए हैं।विशेष बात यह है कि मुख्य सचिव विकास शील ने हर जिले से आने वाले प्रशासनिक दलों को जिम्मेदारी सौंपते समय यह स्पष्ट कहा कि “यह सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की छवि और सम्मान का उत्सव है।” यही कारण है कि पूरे राज्य के प्रशासनिक तंत्र में एक नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता देखी जा रही है।कार्यक्रम स्थल पर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव दोनों की जमीन से जुड़ी कार्यशैली ने जूनियर अधिकारियों तक को प्रेरित किया है। नतीजा यह है कि तैयारी में न तो जल्दबाज़ी है, न ही कोई अव्यवस्था, बल्कि सब कुछ योजना अनुसार, नियंत्रित और व्यवस्थित है।यह आयोजन न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत का अवसर होगा, बल्कि मुख्य सचिव विकास शील और प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह की नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक दक्षता का जीवंत उदाहरण भी बनेगा। कहा जा सकता है कि इस आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर साबित किया है कि यदि टीमवर्क सही दिशा में हो, तो कोई भी आयोजन “राष्ट्रीय स्तर की पहचान” बन सकता है।


