तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर पूरा प्रदेश उत्सव की रंगत में डूबा हुआ है। राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश को “छत्तीसगढ़ महतारी” के आशीर्वाद और गौरवशाली 25 वर्ष की यात्रा के प्रतीक स्वरूप सजाया गया है। बैनर-पोस्टरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तस्वीरों के साथ छत्तीसगढ़ महतारी का भव्य चित्र प्रमुखता से लगाया गया है, जो प्रदेश की मातृशक्ति और सांस्कृतिक अस्मिता को दर्शाता है।जनता और बुद्धिजीवी वर्ग इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं कि पहली बार “महतारी” को इतनी बड़ी जगह और सम्मान मिला है। यह प्रदेश की पहचान और आत्मा को प्रदर्शित करता है।हालांकि, इस भव्य आयोजन और सजावट के बीच एक बड़ी कमी भी लोगों की नजर में आई बैनर-पोस्टर पर राज्य निर्माता, भूतपूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेई जी का चित्र नहीं लगाया गया। यह वही महामानव थे जिनकी दूरदर्शिता और राजनीतिक इच्छाशक्ति से 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य अस्तित्व में आया था।राज्य के निर्माण में अटल जी की ऐतिहासिक भूमिका को देखते हुए, कई सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और नागरिकों ने मांग की है कि रजत महोत्सव के बैनर-पोस्टर में अटल जी का चित्र भी शामिल किया जाना चाहिए था। ऐसा करने से कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ जाती तथा भावी पीढ़ी को राज्य निर्माण के इतिहास का संदेश मिलता।जनभावना यही कहती है कि छत्तीसगढ़ महतारी का आशीर्वाद और अटल जी की प्रेरणा , यही है असली रजत महोत्सव की पहचान।


