विकास नंद/ सर्वव्यापी/

नगर पालिका सरायपाली एक बार फिर विवादों में है। इस बार मामला नगर के वार्ड क्रमांक 7 में हो रहे कथित अवैध भवन निर्माण से जुड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त स्थान पर बिना किसी भवन निर्माण अनुज्ञा (Building Permission) के मकान निर्माण कार्य जारी है, जिस पर नगर पालिका प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले को लेकर आवेदक नमित श्रीवास ने सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत नगर पालिका सरायपाली से संबंधित दस्तावेजों की मांग की थी। आवेदक ने यह जानकारी चाही थी कि क्या उक्त भवन निर्माण के लिए नगर पालिका द्वारा कोई अनुज्ञा (Permission) या स्वीकृति पत्र जारी किया गया है।मामले पर नगर पालिका के सहायक जन सूचना अधिकारी द्वारा दिए गए उत्तर में स्पष्ट रूप से बताया गया कि संबंधित निर्माण से जुड़ा कोई भी दस्तावेज या भवन अनुज्ञा निकाय में उपलब्ध नहीं है।
यह जानकारी सामने आने के बाद नगर में चर्चा का विषय बन गया है कि बिना वैध अनुमति के नगर सीमा में निर्माण कार्य कैसे चल रहा है और प्रशासन अब तक मौन क्यों है।स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका प्रशासन अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का बचाव कर रहा है और इस तरह के अवैध निर्माणों पर जानबूझकर कार्रवाई से बच रहा है।
नागरिकों का कहना है कि जहां आम जनता के छोटे-छोटे निर्माण या अतिक्रमण पर तुरंत नोटिस थमा दिया जाता है, वहीं कर्मचारियों या प्रभावशाली व्यक्तियों के मामलों में नगर पालिका “आंख मूंदकर” बैठी रहती है।
नागरिकों का यह भी कहना है कि नगर पालिका की यह कार्यप्रणाली पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
यदि निकाय स्वयं अपने कर्मचारियों के अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं करता, तो आम जनता के प्रति की जाने वाली सख्ती का क्या औचित्य रह जाता है?
इस मामले पर स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध निर्माण पर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में कानून और व्यवस्था की साख बनी रहे।


