विकास नंद/सर्वव्यापी/
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम “चिरायु” के तहत बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी कड़ी में सरायपाली विकासखंड के अंतर्गत राजाडीही आंगनवाड़ी केंद्र में जांच के दौरान एक मासूम के जीवन को नया सवेरा मिला है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन तथा बीएमओ डॉ. कुणाल नायक के मार्गदर्शन में कार्यरत चिरायु दल ने आंगनवाड़ी केंद्र राजाडीही में स्वास्थ्य जांच के दौरान बालक भूपेश निराला पिता टीकेलाल निराला के हृदय रोग से पीड़ित होने की आशंका जताई। टीम ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे को उच्च स्तरीय जांच हेतु रायपुर रेफर किया।रायपुर में जांच के बाद भूपेश के हृदय में गंभीर समस्या पाई गई। चिरायु टीम ने बिना समय गंवाए बच्चे का उपचार सुनिश्चित कराया और रायपुर के एक निजी अस्पताल में निशुल्क ऑपरेशन करवाया।
सफल सर्जरी के बाद अब भूपेश पूरी तरह स्वस्थ है और अन्य बच्चों की तरह सामान्य जीवन जी रहा है।परिवार ने भावुक होकर चिरायु दल के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनके बच्चे को नया जीवन मिला है।
इस सराहनीय कार्य में आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुपा दास, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. जनक कुमार जेरी, डॉ. जयश्री उमेश डडसेना, फार्मासिस्ट भीष्म प्रताप राणा, लैब टेक्नीशियन परमेश्वर सेन, उसत पटेल, एएनएम सुनीता साव और देवकी पटेल का विशेष योगदान रहा।
चिरायु दल की यह पहल न केवल एक मासूम की जान बचाने में सफल रही, बल्कि यह भी साबित करती है कि संवेदनशीलता और समर्पण से किया गया कार्य समाज में जीवन के प्रति विश्वास को और गहरा करता है।


