विकास नंद/सर्वव्यापी/
प्रदेश में धान खरीदी प्रारंभ होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में अवैध धान के परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए महासमुंद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार सरायपाली विकासखंड सहित जिले के सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकपोस्टों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।धान खरीदी की शुरुआत 15 नवम्बर से होने जा रही है, जिसके पूर्व जिले की सीमाओं से अवैध रूप से धान के आवागमन को रोकने प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। कलेक्टर लंगेह स्वयं जिले में अवैध धान रोकने के लिए बनाए गए विभिन्न चेकपोस्टों का अचानक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहें हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में अवैध धान जिले की सीमा में प्रवेश न कर पाए।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि “धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध धान परिवहन या संग्रहण में संलिप्त व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने अधिकारियों को सतर्कता बढ़ाने, वाहनों की सघन जांच करने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।प्रशासन ने सरायपाली, बागबाहरा, पिथौरा एवं अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी दलों की तैनाती कर दी है। इन दलों में राजस्व, खाद्य, पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारी शामिल हैं। चेकपोस्टों पर सीसीटीवी कैमरे, लाइटिंग और रिकॉर्डिंग व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है ताकि किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
कलेक्टर लंगेह ने किसानों से भी अपील की है कि वे अपने पंजीकृत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में ही धान विक्रय करें और किसी भी परिस्थिति में निजी खरीदारों या बिचौलियों के बहकावे में न आएं।
जिले में प्रशासन की सख्ती से अवैध धान परिवहन पर रोकथाम के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं, जिससे खरीदी व्यवस्था सुचारू एवं पारदर्शी बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है।


