विकास नंद/सर्वव्यापी/
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी शुरू होने में अब सिर्फ तीन दिन शेष हैं, लेकिन ज़मीनी तैयारियाँ अभी भी अधूरी नज़र आ रही हैं। जिले के तोरेसिंगा और कुसमीसरार धान उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण में साफ-सफाई से लेकर बुनियादी व्यवस्थाओं तक कई कमियां सामने आईं। केंद्रों में न तो टोकन वितरण की कोई तैयारी दिखी और न ही खरीदी के लिए आवश्यक व्यवस्था पूर्ण हो पाई है।शासन के निर्देशानुसार 15 नवंबर से प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ होनी है, परंतु महासमुंद जिले में स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है। सहकारी समिति के अधिकारी और कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे हुए हैं, जिससे संपूर्ण खरीदी प्रक्रिया ठप पड़ी है।
सूत्रों के अनुसार, अब तक खरीदी केंद्रों में प्रभारियों की सूची भी जारी नहीं हुई है। ऐसे में धान खरीदी के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी तैयारी अधूरी है। किसानों में इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्याप्त है। वे समय पर धान बेचने और भुगतान को लेकर असमंजस में हैं।
स्थानीय किसानों ने बताया कि “हर साल की तरह इस बार भी अंतिम समय पर तैयारियाँ शुरू होती हैं। यदि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप नहीं करता, तो खरीदी की तिथि आगे बढ़ाना पड़ सकता है।”अधिकारी वर्ग का कहना है कि हड़ताल खत्म होते ही व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अभी तक कोई ठोस पहल नहीं दिखाई दे रही है।
कुल मिलाकर, जिले में धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से होना अब सवालों के घेरे में है। अगर जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो किसानों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


