तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र में जनजातीय गौरव दिवस पर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा को अभिवादन किया गया। बिरसा मुंडा छात्रावास में शनिवार, 15 नवंबर को परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुरेन्द्र गादेवार की प्रमुख उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधीष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार, कुलानुशासक डॉ राकेश मिश्र, मुख्य छात्रावास अधीक्षक डॉ जयंत उपाध्याय मंचासीन थे। बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया। इस दौरान डॉ. सुरेन्द्र गादेवार ने ने कहा कि बिरसा मुंडा ने जल, जंगल, जमीन और संस्कृति को बचाने के लिए संघर्ष किया। ऐसे जननायक के जीवन के उद्देश्य को ध्यान में रखकर हमें देश व समाज के लिए योगदान देना चाहिए। प्रो. अवधेश कुमार ने बिरसा मुंडा के जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। डॉ. राकेश मिश्र ने बिरसा मुंडा के वास्तविक योगदान को अकादमिक विषयों में लाने पर बल दिया। डॉ. जयंत उपाध्याय ने जनजातीय लोकगीतों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की अपेक्षा व्यक्त की। इस अवसर पर ‘आदिवासी धारा’ पत्रिका के बिरसा की विरासत विषयक अंक का लोकार्पण किया गया। मुख्य संपादक राहुल कुमार व अभय कुमार ने पत्रिका में लेख लिखने के लिए विद्यार्थियों से निवेदन किया। संपादकीय सलाहकार डॉ. सुनील कुमार ने पत्रिका के विविधता से भरे आलेखों की चर्चा की। स्वागत भाषण छात्रावास अधीक्षक डॉ. प्रमोद जोशी ने एवं डॉ. हेमचंद्र ससाने ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी नीरज छिलवार ने किया। इस अवसर पर अध्यापक, कर्मचारी एवं विभिन्न छात्रावासों के शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


