विकास नंद/सर्वव्यापी/
विश्व एड्स दिवस के अवसर पर स्वर्गीय मोहनलाल चौधरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी टी.आर. धृतलहरे ने उपस्थित लोगों को एड्स एवं एचआईवी संक्रमण के कारण, बचाव और उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं।उन्होंने बताया कि एड्स (AIDS) का पूरा नाम एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम है, जिसका अर्थ है– शरीर की अर्जित रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आना।एचआईवी संक्रमण असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई-सिरिंज का प्रयोग, नशीली इंजेक्शन ड्रग का उपयोग, तथा संक्रमित गर्भवती मां से बच्चे में फैलता है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एड्स हाथ मिलाने, एक साथ भोजन करने, रहने, मच्छर काटने या सामूहिक टॉयलेट उपयोग से नहीं फैलता।
इस वर्ष 2025 का थीम — “बाधाओं पर विजय, एड्स प्रतिक्रिया में बदलाव लाना” — पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एचआईवी पॉजिटिव होना जीवन का अंत नहीं है। पौष्टिक भोजन, नियमित दवाइयाँ और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर मरीज लम्बा व स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
धृतलहरे ने एड्स से बचाव के लिए 4C नियम अपनाने की अपील की—1. Contact (संपर्क जागरूकता)2. Compliance (नियमों का पालन)3. Condom (कंडोम का नियमित इस्तेमाल)4. Counselling (परामर्श एवं टेस्टिंग)
कार्यक्रम में डॉक्टर अमित भोई, डॉक्टर कमलेश प्रधान, डॉक्टर तरुण मांझी, डॉक्टर आयुष अग्रवाल, डॉक्टर गुंजा अग्रवाल, डॉक्टर वर्षा सतपथी, बीपीएम शीतल सिंह, आरएमए प्रदीप साहू सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


