विकास नंद /सर्वव्यापी/
रजत जयंती वर्ष 2025-26 के अवसर पर संचालनालय खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण के निर्देशानुसार जिले में 02 जनवरी 2026 से 09 जनवरी 2026 तक चावल उत्सव एवं उपभोक्ता जागरूकता अभियान का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में अपर कलेक्टर रवि साहू की अध्यक्षता में खाद्य विभाग एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में खाद्य विभाग, उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, नापतौल विभाग, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, पेट्रोल पंप एवं गैस वितरक संचालकों की उपस्थिति रही। अपर कलेक्टर ने शासन की मंशा के अनुरूप जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, निगरानी समिति सदस्यों, दुकान संचालकों एवं हितग्राहियों की उपस्थिति में रजत जयंती चावल उत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही आम नागरिकों को उपभोक्ता अधिकारों एवं उपभोक्ता विवादों के निराकरण की प्रक्रिया से अवगत कराने हेतु उपभोक्ता जागरूकता सप्ताह प्रभावी रूप से मनाने पर जोर दिया गया।बैठक में खाद्य अधिकारी अजय कुमार यादव ने विगत 25 वर्षों में खाद्य विभाग की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में रिकॉर्ड वृद्धि, खाद्य सुरक्षा एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का विस्तार, नवीन उचित मूल्य दुकानों का आबंटन, राशनकार्डधारियों को समय पर राशन उपलब्धता, पीडीएस में डिजिटल सुधार तथा वन नेशन-वन राशनकार्ड अंतर्गत पोर्टेबिलिटी सुविधा जैसी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, महासमुंद के सदस्य गिरीश श्रीवास्तव ने बताया कि उपभोक्ता किसी भी प्रकार की ठगी या शिकायत की स्थिति में ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इससे शिकायतों का त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण संभव है।नापतौल विभाग के अधिकारी सिद्धार्थ दुबे ने उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि सही वजन प्राप्त करना उपभोक्ता का अधिकार है। उपभोक्ता किराना दुकानों, पेट्रोल पंपों, गैस एजेंसियों एवं अन्य प्रतिष्ठानों में प्रयुक्त वेईंग मशीन की सील एवं सत्यापन प्रमाण पत्र देखने की मांग कर सकता है। यदि वजन में गड़बड़ी या धोखाधड़ी पाई जाती है, तो उपभोक्ता जिला उपभोक्ता आयोग, राज्य अथवा राष्ट्रीय स्तर पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके लिए नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 1800-114000 पर भी संपर्क किया जा सकता है।इस अभियान के माध्यम से जिले में उपभोक्ताओं को जागरूक कर पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी व्यवस्था को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है।