विकास नंद/ सर्वव्यापी/

महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महासमुंद जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। बिहान योजना के अंतर्गत गठित महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित 30 आजीविका दुकानों का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार ने 6 दुकानों का उद्घाटन कर इस अभिनव पहल का शुभारंभ किया।जिले के प्रत्येक विकासखंड से 6-6 दुकानों की शुरुआत की गई है। इन आजीविका दुकानों के माध्यम से महिला समूहों की दीदियां स्वरोजगार से जुड़कर न केवल अपनी आय बढ़ाएंगी, बल्कि अपने जीवन स्तर में भी निरंतर सुधार कर सकेंगी। ये दुकानें महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए सीधे बाजार के रूप में कार्य करेंगी, जिससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार द्वारा इस नवाचार की शुरुआत “आजीविका 150” के रूप में की गई है। इस पहल के अंतर्गत आगामी तीन महीनों में पूरे जिले में कुल 150 आजीविका दुकानों के शुभारंभ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आज 30 दुकानों के उद्घाटन के साथ योजना के प्रथम चरण की सफल शुरुआत हो गई।आज जिन स्थानों पर दुकानों का शुभारंभ हुआ, उनमें बागबाहरा, खल्लारी, तेंदुकोना, महासमुंद के मोंगरा तथा पिथौरा के गढ़बेड़ा शामिल हैं। बागबाहरा विकासखंड के खल्लारी क्लस्टर में हेमंत नंदनवार ने विधिवत बिहान बाजार का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला समूहों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।ग्राम बोईरगांव में जय मां शीतला महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा प्रारंभ की गई फैंसी एवं कपड़ा दुकान के खुलने पर समूह की महिलाओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।इस अवसर पर हेमंत नंदनवार ने कहा कि बिहान मिशन का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं को संगठित कर उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे बाजार ग्रामीण आजीविका को मजबूती प्रदान करेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देंगे। उन्होंने महिला समूहों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और ग्राहक संतुष्टि पर विशेष ध्यान देने की सलाह भी दी।कार्यक्रम में संबंधित विभागीय अधिकारी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे।