विकास नंद/ सर्वव्यापी/
जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) के तहत व्यापक स्तर पर कार्य स्वीकृत किए गए हैं। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों में मांग आधारित रोजगार उपलब्ध कराते हुए जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत रमेश नंदनवार के मार्गदर्शन में सभी विकासखंडों में इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।विकासखंड बसना में मिशन जल संरक्षण के अंतर्गत कंटूर ट्रेंच, सतत कंटूर ट्रेंच, जल अवशोषण खंती, गेबियन संरचना, डाइक निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, कुआं निर्माण, निजी आजीविका डबरी, कच्ची नाली, नए तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज और नाला डिसिल्टिंग सहित कुल 7,493 कार्य स्वीकृत किए गए हैं।इसी तरह जनपद पंचायत बागबाहरा, महासमुंद, पिथौरा और सरायपाली में जल संरक्षण से जुड़े 37,640 कार्यों को मंजूरी मिली है। इन सभी कार्यों के पूर्ण होने पर जिले में लगभग 60 करोड़ लीटर जल संरक्षण एवं संवर्धन होने का अनुमान है।इसके अतिरिक्त जिले में 1,016 आजीविका डबरी निर्माण कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे लगभग 23 करोड़ लीटर जल संरक्षण संभव होगा। इन डबरियों के माध्यम से हितग्राहियों को आजीविका संवर्धन से जोड़ने के लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन द्वारा सभी कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित हो सके और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध हो।