गौरेला-पेंड्रा-मरवाही,श्रीनिवास सुमेर, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी

अचानक मार टाइगर रिजर्व एरिया प्राकृतिक सुंदरता से भरा पड़ा आज किसी भी पहचान की मोहताज नहीं है l जहां आए दिन हजारों की संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है ,जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही के सीमा से लगा हुआ यह एरिया आज शासन की उदासीनता के कारण बद से बदतर स्थिति में जा खड़ा है l वहीं सड़क मार्ग की बात करें तो केवँची से लेकर लास्ट छोर शिवतरई गांव में लगा बैरियर की दूरी लगभग 54 किलोमीटर में फैला हुआ है जहाँ तक जंगली जानवरो का बसेरा माना जाता है l आज की स्थिति में यह सड़क की दुर्दशा इतनी खराब हो गई है कि सड़क पर बड़े-बड़े डबरी नुमा गड्ढा बन चुके हैं जिस पर चलना मतलब दुर्घटना से नाता जोड़ने बराबर है l क्योंकि सिंगल रोड होने के नाते पहाड़ों के बीच से निकली हुई है रास्ता के अगल बगल हजारों फिट की गड्ढे किसी डरावने से काम नहीं है l जहां जंगलों के बीच में जीवन जी रहे बैगा आदिवासी क्षेत्र केवँची,लंमनी ,छापरवा,अचाक मार्ग, बारीघाट,शिवतरई के लोगों से जब जानकारी ली गई तो उनके द्वारा बताया गया कि चुनाव के दरमियान स्वयं आज उपमुख्यमंत्री के पद पर अासिन अरुण साव ने यहां की जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात रखी थी कि हमारी सरकार आते ही यह सड़क की कायाकल्प हो जाएगा मगर आज देखा जाए तो करीब 2 वर्ष की लंबी अवधि गुजरने के बाद भी आज यह सड़क अपनी कायाकल्प की इंतजार में राह देख रही है,जबकि यह क्षेत्र उनके ही अंतर्गत आता है फिर भी आज तक ना तो यह सड़क की मरम्तिकरण हुई और ना ही सड़क बन पाई आज भी यहां के आदिवासी लोग इस उम्मीद और आशा के साथ टकटकी लगाए बैठे हुए हैं l बताते चलें कि आज जहां एक विशाल एरिया में फैला यह टाइगर रिजर्व एरिया जहां बाघ,चीता,हिरण,बारहसिंगा,गजराज,ऐसे तमाम जंगली जानवरों के लिए यह भूभाग ख्याति प्राप्त है जिसे देखने के लिए देश दुनिया के लोग यहां आना पसंद करते हैं मगर शासन की ओर से समुचित व्यवस्था न कराए जाने के कारण अब लोगों का यहां आना-जाना ना के बराबर हो गया है1 वही एक तरफ देखा जाए तो शासन भले ही लाख दावे कर रही है कि हम जंगली जानवरों एवं वनों की संवर्धन के लिए करोड़ों में खर्च कर रहे हैं मगर आज यह एरिया आगों की लपेटे में पूरा जंगल धू धू कर खाक हो रहा है यही कारण है कि धीरे-धीरे जहां विश्व प्रख्यात या रिजर्व एरिया में जंगली जानवरों की कभी झुंडों में देखा जाता रहा उचित सुरक्षा एवं व्यवस्था न होने के कारण वहां पर रह रहे जंगली जानवरों के द्वारा दूसरी जगह पर पलायन होने पर मजबूर हो गए हैं l2 नेटवर्क विभिन्न क्षेत्र इतना बड़ा क्षेत्र जो घनघोर जंगल से गुजरी हुई यह मार्ग जहां लगभग 6 गांव की बसाहट वाली यह क्षेत्र के लोग नेटवर्क की दुनिया से कोसों दूर आज जीवन जीने को मजबूर हैं अब आगे देखने वाली बात यह होगी कि जिस मनसा और उम्मीद से यहां के लोग अपना शत प्रतिशत मतदान कर उन्हें सरकार में आने के लिए अपना योगदान दिया जिसके प्रतिफल से यहां के लोग इस खबर के माध्यम से मांग कर रहे हैँ की जल्द से जल्द इस सडक को बनवाये ताकि आने जाने में लोगों को आसानी हो सके अब आगे देखने वाली बात होती है की कितनी गंभीरता से इस बात को लेकर सरकार उचित कदम उठाते हैं या फिर पूर्व की भांति वहाँ के लोगों के लिए डबरी नुमा बने सडक पर चलने के लिए छोड़ देते हैं l