कोरिया , सर्वव्यापी, धनी लाल

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में स्थित भारत का 56 वां टाइगर रिजर्व गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व विभागीय लापरवाही के कारण इन दिनों भीषण आग की चपेट से गुजर रहा है, जिसके कारण देश-विदेश और अन्य प्रदेशों से आने वाले पर्यटकों के बीच खासी नाराजगी देखी जा रही है l मन की शांति और सुकून के लिए जंगल में आने वाले पर्यटकों कों जंगल में जलती हुई काली लकड़ी, राख और ठूँठ ही नजर आ रहे हैं l जिसके कारण उनको निराशा ही हाथ लग रही है l जले हुए काले ठूँठ और पेड़ों पर बैठे पंछी और लंगूर बंदर पर्यटकों को डरा रहे हैं l जंगल में आग लगने के बाद जंगली जानवरों और पंछियों का अता पता नहीं चल रहा है l लाखों जीव-जंतु, औषधि गुण वाले वनस्पति और पौधे आग की चपेट में आकर जलकर खाक हो चुके हैं l सोनहत के मेंड्रा बैरियर गेट से लेकर तुर्री पानी तक आग से जंगल जलकर खाक हो चुकी है l लेकिन जिम्मेदार अधिकारी- कर्मचारियों पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है l जहां-जहां पानी की स्रोत थे और जंगली सूअर, जंगली मुर्गी, साही, मोर और हिरणों का अधिक आना-जाना था उन्हीं स्थानों पर सबसे ज्यादा आग लगी हुई दिख रही है, जिसके कारण शिकारियों के द्वारा शिकार के लिए आग लगाने की शंकायें बढ़ रही है l लेकिन विभाग की आश्चर्य जनक चुप्पी बड़े सवाल खड़े कर रही है और सभी मामले को दबाने में लगे हैं l रामगढ़ क्षेत्र में ऐसा कोई ग्राम नहीं जहां जंगल में आग लगने की घटनाएं घटित ना हुई हो लेकिन विभाग कुंभकर्णी नींद से नहीं जाग रहा है l जंगली जानवरों के खाने-पीने के लिए जंगल में कोई व्यवस्था नहीं टाइगर रिजर्व में फलदार वृक्षों और पानी की भारी कमी है l जगह-जगह जंगली जानवरों के लिए पीने की पानी की कोई व्यवस्था नहीं है l जिसके कारण जंगली जानवर पानी के लिए रिहायशी इलाकों में भटक रहे हैं l यही कारण की आए दिन जंगली जानवर कुत्तों के शिकार हो रहे हैं l वन विभाग द्वारा बनवाए गए स्टॉप डैम साल भर भी नहीं टिक पा रहे हैं l टाइगर रिजर्व के अधिकतर अधिकारी-कर्मचारी शहरों में निवास करते हैं जिसके कारण जंगल की सुध लेने वाला कोई नहीं है l विभाग से लाखों का मानदेय भुगतान पाने वाले अग्नि वाचर दूर-दूर तक दिखाई नहीं देते हैं l चारों तरफ भ्रष्टाचार व्याप्त है lटेड़िया बांध में प्रजनन के लिए आने वाले विदेशी पक्षियों की भी इस साल घटेगी संख्या – पिछले साल 2025 में वातावरण अनुकूल होने के कारण पर्यटन स्थल टेड़िया बांध में विदेशी पक्षियों की भारी संख्या देखने को मिला था लेकिन इस बार आग लगने का असर उन पर भी पड़ेगा l बीजाधुर, गाँगी रानी, केकड़ा कोंटा, चीता टावर, वॉच टावर, आने-जाने वाले पर्यटक जले हुए जंगल और ठूँठ देखकर मास्टर टावर और बालम गढ़ी के पास से ही वापस लौट रहे हैं l नए कलेक्टर के आने से दोषियों पर गिर सकती है गाज – छत्तीसगढ़ शासन ने 6 मई को बड़े स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों की फेरबदल की है l जिसमें कोरिया जिले में नए कलेक्टर के रूप में सुश्री पुष्पा साहू की पदस्थापना की गई है l नए कलेक्टर के आने के बाद टाइगर रिजर्व के लापरवाह अधिकारी, कर्मचारी नप सकते हैं l टाइगर रिजर्व के उत्थान के लिए कई वर्षों से शासन से आने वाले राशि का अधिकारी- कर्मचारियों द्वारा बंदर-बांट किया जाता है और जंगली जानवर और वन विकास के लिए कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता है l अब देखना यह होगा कि टाइगर रिजर्व के लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरती है या फिर उन्हें भी नये कलेक्टर का संरक्षण प्राप्त होता है l
