विकास नंद/ सर्वव्यापी
भारत सरकार गृह मंत्रालय एवं जनगणना कार्य निदेशालय छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले में डिजिटल जनगणना 2027 का कार्य तेजी से जारी है। प्रथम चरण के तहत 01 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जा रही है। जिले के विभिन्न विकासखंडों और नगरीय क्षेत्रों में प्रगणकों द्वारा व्यापक सर्वे कार्य किया जा रहा है।जिले में कुल 1992 मकान सूचीकरण क्षेत्रों में से 1917 क्षेत्रों में जनगणना कार्य प्रगति पर है, जबकि 75 क्षेत्रों में कार्य पूर्ण किया जा चुका है। अब तक जिले में 2 लाख 12 हजार 935 मकानों का सर्वे किया गया है। इनमें 1 लाख 74 हजार 71 आवासीय मकान, 3 हजार 839 आंशिक रूप से आवासीय मकान, 7 हजार 550 रिक्त मकान तथा 3 हजार 292 बंद मकानों की जानकारी दर्ज की गई है।जनगणना अभियान के अंतर्गत अब तक 1 लाख 88 हजार 311 परिवारों का सर्वे पूर्ण किया जा चुका है तथा 7 लाख 250 लोगों की जनसंख्या संबंधी जानकारी संकलित की गई है। वहीं 876 मकान मालिकों ने स्वगणना पहचान संख्या भी साझा की है।तहसीलवार प्रगति में पिथौरा तहसील सबसे आगे रही, जहां 48 हजार 814 मकानों का सर्वे किया गया। इसके अलावा महासमुंद तहसील में 40 हजार 486, बसना में 31 हजार 799, सरायपाली में 29 हजार 594, बागबाहरा में 18 हजार 806 तथा कोमाखान तहसील में 18 हजार 52 मकानों का सर्वे पूरा किया गया।नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिका महासमुंद में 10 हजार 418 मकानों का सर्वे किया गया। वहीं सरायपाली में 4 हजार 10, बागबाहरा में 3 हजार 597, पिथौरा नगर पंचायत में 2 हजार 864, बसना में 2 हजार 460 तथा तुमगांव नगर पंचायत में 2 हजार 35 मकानों का सर्वे कार्य पूर्ण किया गया।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े शासन की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करते हुए जिम्मेदारी के साथ जनगणना कार्य संपादित किया जाए।