एग्रीस्टैक पंजीयन और खरीफ तैयारियों पर कलेक्टर सख्त…10 दिनों में पीएम किसान सत्यापन पूरा करने के निर्देश, दलहन-तिलहन और रागी खेती विस्तार पर जोर।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी/

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में कृषि एवं समवर्गीय विभागों के विकासखंड स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के सदस्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एग्रीस्टैक पंजीयन, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, खरीफ सीजन की तैयारियां, उर्वरक वितरण, जैविक खेती, दलहन-तिलहन विस्तार सहित पशुपालन एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में कलेक्टर ने एग्रीस्टैक पोर्टल में छूटे किसानों का प्राथमिकता के आधार पर पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों में आवश्यक सुधार कर हिस्सेदार कृषकों का भी पंजीयन कराया जाए, ताकि पात्र किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों का सत्यापन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने आगामी 10 दिनों के भीतर सुशासन तिहार एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के शिविरों के माध्यम से कार्य पूर्ण करने को कहा।

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने धान के बजाय दलहन, तिलहन, रागी और मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों के रकबा विस्तार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जिले में स्थापित की जा रही रागी प्रोसेसिंग यूनिट के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा तेल प्रसंस्करण इकाई की प्रगति की भी समीक्षा की गई।बैठक में खरीफ सीजन हेतु रासायनिक उर्वरकों के वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा पीओएस मशीन के माध्यम से ऑनलाइन खाद वितरण सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि किसानों को भूमि की पात्रता से अधिक रासायनिक खाद का वितरण नहीं किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने किसानों को डीएपी के स्थान पर संतुलित उर्वरकों जैसे एनपीके एवं एसएसपी के उपयोग के लिए प्रेरित करने तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। साथ ही रासायनिक खाद के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से सन, ढैंचा, मूंग, उड़द एवं नील हरित काई जैसी हरी खाद के उपयोग को बढ़ावा देने तथा जैविक खेती को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

कलेक्टर ने कृषि विभाग के मैदानी अमले को विभिन्न योजनाओं में लक्ष्य निर्धारित कर नियमित मॉनिटरिंग करने तथा साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में प्रगति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। दलहन एवं तिलहन फसलों के रकबा विस्तार हेतु तैयार कार्ययोजना को समय-सीमा में पूरा करने को कहा गया।बैठक में पशुपालन विभाग को इच्छुक किसान एवं महिला कृषकों को अनुदान पर दो गाय उपलब्ध कराने, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को बढ़ावा देने तथा बकरीपालन गतिविधियों के विस्तार हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। वहीं उद्यानिकी विभाग को जिले में 50 हेक्टेयर क्षेत्र में नारियल पौधरोपण की कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा गया।


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