टीएल बैठक में कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश…धान उठाव, एग्रीस्टेक पंजीयन और खाद वितरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं…सुशासन तिहार के आवेदनों का समयबद्ध करें निराकरण।

Share Now

विकास नंद/सर्वव्यापी

महासमुंद विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में धान उठाव कार्य में तेजी लाकर शत-प्रतिशत उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जानकारी दी गई कि जिले में अभी लगभग 8500 मीट्रिक टन धान का उठाव शेष है। कलेक्टर ने शेष 54 समितियों का भौतिक सत्यापन शीघ्र पूर्ण करने को कहा।बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।कलेक्टर ने कृषि विभाग को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत एग्रीस्टेक पंजीयन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संयुक्त किसानों एवं शेष पात्र किसानों का भी पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। विकसित कृषि संकल्प यात्रा के दौरान अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन कराने पर विशेष जोर दिया गया।आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए तथा पीओएस मशीन के माध्यम से ही खाद वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में 13 हजार 673 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। किसानों को डीएपी के विकल्पों की जानकारी देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार अब तक आयोजित 11 शिविरों में 7 हजार 780 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2 हजार 215 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। शेष आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश भी बैठक में दिए गए।प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2024, 2025 एवं 2026 के अप्रारंभ आवासों को तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए। जिन हितग्राहियों ने अब तक आवास निर्माण शुरू नहीं किया है, उन्हें अंतिम अवसर देते हुए समझाइश देने की बात कही गई, इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।बैठक में जल संचयन जनभागीदारी कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को अधिक से अधिक जल संरचनाओं के निर्माण के निर्देश दिए गए। जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 57 हजार 335 विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है।इसके अलावा राजस्व विभाग के विवादित एवं अविवादित प्रकरणों, स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री घोषणाओं, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। आगामी शिक्षा सत्र को ध्यान में रखते हुए परीक्षा परिणामों में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!