भीषण गर्मी में बिजली संकट के बीच जनता की ढाल बनीं सरपंच राधिका कौशिक…छतौना में पहली बार दिख रही ऐसी सक्रियता, ट्रांसफार्मर खराबी से लेकर बिजली कटौती तक हर शिकायत पर तत्काल कार्रवाई।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत छतौना इन दिनों भीषण गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहा है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस पंचायत में हर रोज पचासों बार बिजली गुल होने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। गांव की हर कॉलोनी, हर गली और मोहल्ले में लोग बिजली संकट से परेशान हैं। दिन में उमस और रात में अंधेरे के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की आंख-मिचौली अब आम बात हो चुकी है। कभी लो-वोल्टेज तो कभी ट्रांसफार्मर खराबी, तो कभी अचानक घंटों बिजली बंद रहने से लोगों में आक्रोश भी बढ़ रहा है। लेकिन इस संकट के बीच ग्राम पंचायत छतौना की महिला सरपंच राधिका राकेश कौशिक लगातार सक्रिय भूमिका निभाते हुए नजर आ रही हैं।ग्रामीणों के अनुसार जैसे ही किसी मोहल्ले से बिजली कटौती या ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना मिलती है, सरपंच स्वयं तत्काल बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क कर सुधार कार्य शुरू करवाने में जुट जाती हैं। कई बार देर रात तक भी वे फोन पर स्थिति की निगरानी करती दिखाई देती हैं। यही कारण है कि ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि छतौना में पहली बार कोई जनप्रतिनिधि बिजली जैसी मूलभूत समस्या को लेकर इतनी गंभीरता और सक्रियता दिखा रहा है।भीषण गर्मी के इस दौर में जहां अधिकांश जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन तक सीमित दिखाई देते हैं, वहीं सरपंच राधिका कौशिक जमीन पर उतरकर लोगों को राहत दिलाने का प्रयास कर रही हैं। पंचायत के कई ग्रामीणों ने खुलकर कहा कि लगातार बिजली संकट के बावजूद यदि तुरंत सुधार कार्य हो पा रहा है तो उसके पीछे सरपंच की सक्रियता ही सबसे बड़ा कारण है।ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई है कि बिजली विभाग को छतौना क्षेत्र में स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। लगातार ट्रिपिंग, जर्जर लाइनें और ओवरलोड ट्रांसफार्मर की समस्या का स्थायी निराकरण नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। लोगों का कहना है कि जब पंचायत स्तर पर सरपंच इतनी गंभीरता से काम कर सकती हैं तो विभागीय अधिकारियों को भी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।फिलहाल भीषण गर्मी के बीच छतौना में एक बात जरूर चर्चा का विषय बनी हुई है कि महिला सरपंच राधिका राकेश कौशिक लगातार जनता के बीच रहकर समस्याओं का समाधान कराने में जुटी हुई हैं और यही सक्रियता उन्हें अन्य जनप्रतिनिधियों से अलग पहचान दिला रही है।


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