विकास नंद /सर्वव्यापी/

आदिवासी कन्या छात्रावासों में अपनी निष्ठा, समर्पण और उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रसिद्ध अधीक्षिका कुसुम ठाकुर को 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विशेष सम्मान प्राप्त हुआ। महासमुंद के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि सांसद रुपकुमारी चौधरी ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
यह सम्मान उन्हें आश्रम की छात्राओं के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।कुसुम ठाकुर वर्ष 2008 से आश्रम अधीक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। प्रारंभिक कार्यकाल में उन्होंने छुईपाली और बसना विकासखंड के आदिवासी कन्या आश्रमों में अपनी सेवाएं दीं, साथ ही खोकसा आश्रम में भी कार्य किया।
वर्तमान में वे वर्ष 2010 से आदिवासी कन्या आश्रम बैदपाली में पदस्थ हैं, जहां उन्होंने छात्राओं के शैक्षणिक स्तर के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया है।उनकी देखरेख में आश्रम में कई रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन हुआ है, जिनसे छात्राओं में आत्मविश्वास, स्वच्छता की आदत और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति लगाव बढ़ा है।
कुसुम ठाकुर की कार्यशैली में अनुशासन के साथ मातृत्व भाव का मेल है, जिसके चलते छात्राएं उन्हें अपनी मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत मानती हैं।
समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समर्पित कर्मचारियों के कारण ही आश्रमों का वातावरण सकारात्मक और प्रेरणादायी बनता है।
सम्मान प्राप्त कर कुसुम ठाकुर ने इसे अपने सहकर्मियों और छात्राओं को समर्पित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि टीम वर्क और आपसी सहयोग का परिणाम है।