विकास नंद /सर्वव्यापी/
जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से “आदि कर्मयोगी अभियान” की पहल की गई है। इसी क्रम में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान के माध्यम से जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार और अन्य जनजातीय समुदायों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया जा रहा है।
जिले के 77 बसाहटों के 940 परिवारों (3306 जनसंख्या) को आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता, जाति प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी प्रदान की जा रही हैं।
धरती आबा अभियान के तहत जिले के 308 जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में 17 मंत्रालयों की 25 योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
कलेक्टर ने बताया कि अब योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए तीन स्तरों पर कार्य किया जाएगा—
1. आदि कर्मयोगी : राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे।
2. आदि सहयोगी : शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता योजना क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे।
3. आदि साथी : वे हितग्राही जो सीधे योजनाओं से लाभान्वित होंगे।
उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर पर वालंटियर्स की नियुक्ति तथा आदि सेवा केन्द्रों की स्थापना भी की जाएगी, जिससे योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुँच सके।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू सहित जिले के अधिकारी उपस्थित रहे।
हाल ही में भोपाल एवं रायपुर में आयोजित प्रशिक्षणों में महासमुंद जिले से निलेश खांडे, मनीषा साहू, किशोर साहू, गोविंद सिंह, अशोक यादव और ग्रीस ध्रुव ने भाग लेकर जिला मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
ये मास्टर ट्रेनर अब जिले में योजनाओं के अभिसरण और ग्राम स्तरीय विकास कार्यों को गति देंगे।