के.एस.ठाकुर/कार्यकारी संपादक /सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ राज्य में भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार ने अब तक अपने कार्यकाल में विभिन्न समाजों को निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में प्रतिनिधित्व दिया है। लेकिन बिलासपुर जिले के कुर्मी समाज को इस प्रक्रिया में अब तक कोई स्थान नहीं मिला है। समाज के लोगों का कहना है कि भले ही भाजपा संगठन में जिला स्तर पर पद दिए गए हों और पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों में प्रत्याशी बनाकर उन्हें जिताया भी गया हो, किंतु राज्य स्तरीय निर्णय लेने वाले निगम-मंडल आयोग बोर्ड में बिलासपुर के कुर्मी समाज को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया गया है।कुर्मी समाज के पदाधिकारियों ने हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ज्ञापन सौंपकर मांग रखी थी कि बिलासपुर जिले के किसी योग्य प्रतिनिधि को निगम-मंडल आयोग बोर्ड में शामिल किया जाए। लेकिन समाज का आरोप है कि ज्ञापन दिए जाने के बावजूद अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।समाज के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि भाजपा संगठन और सत्ता दोनों में उनका निरंतर योगदान रहा है। ग्राम पंचायत से लेकर नगरीय निकाय तक, समाज के प्रतिनिधि भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते हैं और संगठनात्मक मजबूती में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद यदि उन्हें राज्य स्तरीय निगम-मंडल आयोग-बोर्ड जैसे महत्वपूर्ण पदों पर स्थान नहीं दिया गया तो यह सीधी उपेक्षा मानी जाएगी।कुर्मी समाज ने अब शेष बचे निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में से कम से कम एक अध्यक्ष पद पर बिलासपुर जिले के किसी कुर्मी समाज के सदस्य की नियुक्ति करने की माँग की है। समाज के नेताओं का कहना है कि यदि उनकी बातों को अनसुना किया गया तो आने वाले दिनों में वे बड़े आंदोलन की रणनीति बनाने पर भी विचार कर सकते हैं।जिले के वरिष्ठ भाजपा नेताओं का मानना है कि बिलासपुर जिले में कुर्मी समाज की संख्या और प्रभाव काफी अधिक है। इस स्थिति में यदि समाज की अनदेखी होती रही तो भाजपा को संगठनात्मक और चुनावी दोनों स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।