मेसर्स रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कोटा के द्वारा कार्य से निकाले गए युवक को न्याय दिलाने आगे आई छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना।

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तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ियों के हक और अधिकार की लड़ाई के लिए आवाज उठाते हुए बिलासपुर के श्रम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ज्ञापन में बताया क शत्रोहन वैष्णव, जो कि मेसर्स रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कोटा में कार्यरत थे, उन्हें कंपनी प्रबंधन द्वारा अचानक और बिना किसी उचित कारण के नौकरी से हटा दिया गया है। यह निर्णय न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि मानवीय दृष्टि से भी असंवेदनशील है।जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष शैलू ठाकुर ने कहा कि उन्हें बिना कारण नौकरी से निकाल देना न केवल श्रम कानूनों का उल्लंघन है बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ हो रहे अन्याय का भी जीता-जागता उदाहरण है। बेरोजगारी से जूझ रहे राज्य में जहां युवाओं को रोजगार मिलना ही कठिन है, वहीं जो युवक मेहनत करके नौकरी में टिके हुए हैं, उन्हें भी इस प्रकार से परेशान किया जाना बेहद दुखद और निंदनीय है। अचानक नौकरी से निकाले जाने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। परिवार का भरण-पोषण कठिन हो गया है और आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला संयोजक अनिल कुमार पाली ने कहा कि संगठन इस मामले को गंभीरता से देख रहा है और हर स्तर पर न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगा। उन्होंने श्रम विभाग से मांग की है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और युवक को तत्काल नौकरी में पुनः बहाल किया जाए। साथ ही, जिस अवधि तक वह बेरोजगार रहे, उसका मुआवजा भी दिया जाए ताकि उसके परिवार को आर्थिक संकट से राहत मिल सके। यदि श्रम विभाग और प्रबंधन इस मामले में अनदेखी करते हैं, तो संगठन मजबूरन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना संगठन के जिला उपाध्यक्ष संजू भोयरा ने कहा कि छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना हमेशा से छत्तीसगढ़ के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह केवल एक युवक का सवाल नहीं है बल्कि छत्तीसगढ़ के असंख्य बेरोजगार युवाओं के भविष्य और सम्मान से जुड़ा हुआ मामला है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि श्रम आयुक्त और श्रम विभाग इस प्रकरण में शीघ्र और ठोस कार्रवाई करेंगे ताकि पीड़ित युवक और उसके परिवार को न्याय मिल सके।इस मौके पर संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे और उन्होंने एकजुट होकर शत्रोहन वैष्णव को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।


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