तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/बिलासपुर/
मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की सियासत नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। पार्टी सूत्रों के हवाले से खबरें आ रही हैं कि कांग्रेस अब वर्तमान विधायक दिलीप लहरिया की जगह जिला पंचायत सदस्य सतकली बावरे पर दांव खेलने की तैयारी में है।जानकारों का कहना है कि सतकली बावरे पिछले कुछ वर्षों से न सिर्फ अपने क्षेत्र में बल्कि पूरे विधानसभा में लगातार सक्रिय रही हैं। सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर जनसमस्याओं के समाधान तक, उनकी उपस्थिति ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया है। यही वजह है कि पार्टी उन्हें 2028 के चुनाव में संभावित उम्मीदवार के रूप में देख रही है।स्थानीय स्तर पर भी बदलाव की मांग उठ रही है। कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि लंबे समय से मस्तूरी में कांग्रेस की पकड़ कमजोर होती गई है और जनता नए नेतृत्व की ओर देख रही है। ऐसे में महिला उम्मीदवार के रूप में सतकली बावरे को उतारना कांग्रेस का “मास्टर स्ट्रोक” साबित हो सकता है।अगर पार्टी यह बड़ा फैसला लेती है, तो मस्तूरी के राजनीतिक इतिहास में पहली बार कोई महिला विधायक चुनी जा सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इससे कांग्रेस को न सिर्फ महिला वोट बैंक में मजबूती मिलेगी, बल्कि सामाजिक समीकरण भी कांग्रेस के पक्ष में बन सकते हैं।हालांकि, कांग्रेस के भीतर ही इस बदलाव को लेकर मतभेद की स्थिति भी सामने आ सकती है। वर्तमान विधायक दिलीप लहरिया का गुट ऐसा कदम उठाए जाने पर असहज हो सकता है। बावजूद इसके, पार्टी नेतृत्व संगठनात्मक मजबूती और चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लेगा।अब सभी की निगाहें कांग्रेस आलाकमान पर टिकी हैं कि क्या मस्तूरी में वास्तव में सतकली बावरे को टिकट देकर पार्टी बड़ा दांव खेलती है या फिर पुराने चेहरे पर भरोसा बनाए रखती है। जो भी हो, मस्तूरी की राजनीति अब और भी दिलचस्प होने वाली है।