विकास नंद /सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने “वोट चोर, गद्दारी छोड़” अभियान के तहत मतदाता सूची परीक्षण की कार्यवाही को लेकर सभी जिला, शहर, नगर एवं ब्लॉक कांग्रेस समितियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं।
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह द्वारा हस्ताक्षरित पत्र (क्रमांक 396/25) दिनांक 26 अगस्त 2025 को जारी किया गया है।जारी पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस के लोकसभा नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कर्नाटक, महाराष्ट्र व बिहार चुनावों के दौरान मतदाता सूचियों में हुई गड़बड़ियों और वोट चोरी का मुद्दा उठाया था। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आशंका जताई है कि छत्तीसगढ़ में भी वर्ष 2023 की मतदाता सूची में हेराफेरी की गई है।
किन बिंदुओं पर होगी जांच?
पत्र में पांच प्रमुख बिंदुओं के आधार पर मतदाता सूची की जांच करने का निर्देश दिया गया है—
1. डुप्लीकेट मतदाता
2. फर्जी और आयुर्वृद्ध मतदाता
3. एक पते पर थोक में मतदाता
4. आप्रवासी तस्वीरें
5. फार्म-6 का दुरुपयोग
प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक जिला अध्यक्ष व उनकी टीम अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूचियों का गहन परीक्षण करें और जांच के निष्कर्षों को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रस्तुत करें।राहुल गांधी की चेतावनी का हवाला पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2023 की मतदाता सूची में हेराफेरी और चुनावी धांधली को लेकर कांग्रेस पूरी तरह सजग है और किसी भी कीमत पर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रतिलिपि में शामिल प्रमुख नेता इस पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित कांग्रेस संगठन के कई वरिष्ठ नेताओं को प्रेषित की गई है।
कांग्रेस का ऐलान प्रदेश कांग्रेस ने सभी जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों से अपील की है कि वे इस कार्यवाही को “सर्वप्रथम प्राथमिकता” दें और जांच रिपोर्ट शीघ्र प्रदेश कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
👉 यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में मतदाता सूची में गड़बड़ियों का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा सियासी हथियार बनने जा रहा है।